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हांसी। रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों को बड़ी राहत, समर्थन मूल्य बढ़ने पर किसानों में खुशी

केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी की है। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है। नई दरों के मुताबिक गेहूं का MSP 2,610 रुपये, जौ का 2,286 रुपये, चना 5,958 रुपये, मसूर 7,390 रुपये, सरसों 6,613 रुपये और कुसुम का MSP 7,215 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम के MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की हुई है। वहीं सरसों में 413 रुपये, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चने में 83 रुपये और गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। मंजीत किसान जमावड़ी निवासी का कहना है कि MSP में बढ़ोतरी से अगर उन्हें मंडियों में निर्धारित समर्थन मूल्य के आसपास बेहतर भाव मिलता है तो इससे खेती की लागत निकालने और आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। किसानों से बातचीत में सवाल यही है कि बढ़ा हुआ MSP उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में कितना मददगार साबित होगा? गेहूं, चना, मसूर और सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों के बढ़े MSP से बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद कितनी है? वही रामबिलास किसान का यह भी कहना है कि खेती में लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में MSP में बढ़ोतरी उनके लिए कितनी राहत लेकर आएगी, यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि किसानों की फसल की खरीद किस भाव पर और कितनी मात्रा में होती है। वहीं, किसान केंद्र सरकार की दूसरी योजनाओं का भी जिक्र करते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य योजनाओं के जरिए किसानों को अलग-अलग स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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