हांसी के लाल और भारतीय बॉक्सिंग के दमदार मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स-2026 में नरेंद्र बेरवाल ने पुरुषों के 90 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया है।सेमीफाइनल मुकाबले में नरेंद्र का सामना कजाकिस्तान के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन आइबेक ओरलबे से हुआ। मुकाबले में नरेंद्र ने पूरा दम लगाया, लेकिन आखिर में उन्हें 5-0 से हार का सामना करना पड़ा। आपको बता दे कि आखिरी राउंड में नरेंद्र को स्टैंडिंग काउंट का भी सामना करना पड़ा। मुकाबला खत्म होने के बाद सभी जजों ने कजाकिस्तान के आइबेक ओरलबे के पक्ष में फैसला दिया। हालांकि सेमीफाइनल में मिली हार के बावजूद नरेंद्र बेरवाल ने भारत के लिए कांस्य पदक पक्का कर लिया। खास बात यह है कि एशियन गेम्स में नरेंद्र का यह लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल है। इससे पहले हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी नरेंद्र ने कांस्य पदक अपने नाम किया था। मुकाबले के बाद नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि उन्होंने रिंग में अपना 100 प्रतिशत देने की कोशिश की, लेकिन कोच की रणनीति को पूरी तरह लागू नहीं कर पाए। अब उनकी नजर अगले बड़े टूर्नामेंट पर है। अप्रैल में कजाकिस्तान में वर्ल्ड चैंपियनशिप है। मेरा पूरा फोकस अब उसी पर है। यहां से भी मैं गोल्ड मेडल जीतकर आऊंगा। इसी के लिए यहां से मेरा ओलंपिक के लिए सिलेक्शन होगा। नरेंद्र का लक्ष्य आने वाले टूर्नामेंट में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है। इसके साथ ही 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन भी उनके बड़े लक्ष्यों में शामिल है। नरेंद्र का कहना है कि वह आने वाले मुकाबलों में और बेहतर तैयारी के साथ उतरेंगे और भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने की पूरी कोशिश करेंगे। हांसी के इस बॉक्सर ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में पदक जीतकर यह साफ कर दिया है कि रिंग में नरेंद्र का पंच अभी और बड़े मुकाबलों के लिए तैयार है।