हांसी की अनाज मंडी में धान की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन पीआर धान की सरकारी खरीद पिछले चार दिनों से ठप पड़ी है। किसान फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं और उनके गेट पास भी काटे जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। मिलरों के नहीं पहुंचने के कारण खरीद प्रक्रिया और धान के उठान में भी बाधा आ रही है। शुरुआती दौर में खरीदे गए पीआर धान को मिलाकर अब तक सरकारी खरीद का आंकड़ा करीब 5200 क्विंटल ही पहुंच पाया है। पीआर धान की सरकारी खरीद में लगातार हो रही देरी से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। सतबीर किसान का कहना है कि वे अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं और गेट पास कटने के बावजूद उनकी उपज की खरीद नहीं हो रही। ऐसे में उन्हें मंडी में फसल के साथ इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों को उम्मीद थी कि आवक बढ़ने के साथ सरकारी खरीद में तेजी आएगी, लेकिन चार दिनों से खरीद नहीं होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है। वहीं, मिलरों के नहीं आने से खरीद और उठान की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मंडी में धान की आवक बढ़ने के बीच खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं होने से किसानों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। पीआर धान की सरकारी खरीद में आ रही बाधाओं के बीच 1509 किस्म के धान के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई है। सर्व व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग बंसल के अनुसार, 1509 धान का भाव कुछ समय पहले 4100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था, लेकिन अब यह घटकर करीब 3800 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। इस तरह भाव में लगभग 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। मंडी में एक तरफ धान की आवक बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ पीआर धान की सरकारी खरीद ठप होने और 1509 के भाव में गिरावट से किसान परेशान हैं। किसानों और व्यापारियों की निगाहें अब सरकारी खरीद दोबारा शुरू होने और मिलरों के पहुंचने पर टिकी हैं, ताकि खरीद और उठान की प्रक्रिया सुचारू हो सके।