खेतों में पराली जलाने की समस्या का समाधान अब एक नई दिशा ले रहा है। हिसार में एक महिला संगठन ने पराली का उपयोग करके विभिन्न घरेलू उत्पाद तैयार किए हैं, जो न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर हैं बल्कि महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। राखीगढ़ी महोत्सव में महिला ऊषा देवी के स्वयं सहायता समूह ने इन उत्पादों को प्रदर्शित किया। इस समूह ने पराली से पैन स्टैंड, रंग-बिरंगी लाइट की लड़ियां, गुलदस्ते और लैंप स्टैंड जैसे उत्पाद तैयार किए हैं। इन उत्पादों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह के तौर पर भेंट भी किया गया, जिन्हें उन्होंने सराहा। ऊषा देवी ने बताया कि उनके 12 महिलाओं के समूह ने इस काम के लिए विशेष ट्रेनिंग ली है और वे जल्द ही पराली से कप, गिलास, बर्तन और प्लेट जैसे नए उत्पाद भी तैयार करेंगे। उनका लक्ष्य पराली को जलाने से रोकना और उसका सदुपयोग करना है। हरियाणा ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन के जिला परियोजना अधिकारी वीरेंद्र श्योराण ने इस पहल को महिलाओं को रोजगार दिलाने की एक महत्वपूर्ण दिशा बताया है। यह पहल पराली प्रबंधन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।