चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के सभागार में आयुर्वेद दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यशाला में औषधीय पौधों और प्राकृतिक संसाधनों का महत्व बताया। गांव खेड़ी बर्की निवासी नरेश कुमार ने औषधीय जड़ी बूटियों के अचार की प्रदर्शन लगाई । उन्होंने 17 तरह के औषधीय अचार की जानकारी लोगों की दी। उन्हाेंने बताया कि आंवला का आचार, कैंडी बालों, त्वचा के लिए बेहद अच्छा है। इम्युनिटी को मजबूत करता है, आंखों की रोशनी, हृदय के लिए फायदेमंद है। कच्ची हल्दी का अचार एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं। यह पाचन तंत्र में सुधार, जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत, खून को साफ करता है। बांस का अचार, मुरब्बा बच्चों की हाईट बढ़ाने में सबसे अधिक कारगर है। नरेश ने बताया कि उन्होंने 2022 में एचएयू के साइना कॉलेज में ही प्रशिक्षण लिया था। जिसके बाद उन्होंने अचार, मुरब्बा बनाने का काम शुरु किया था। वह फिलहाल 200 तरह के अचार मुरब्बा बना रहे हैं। एलोवेरा का अचार के फायदे जोड़ों के दर्द में राहत, पाचन तंत्र के लिए उपयोगी, वजन नियंत्रण, डायबिटीज में मददगार है। त्वचा और बालों के लिए काफी लाभदायक है। लहसुन, करोंदा , करेला, अदरक, गुडतुंबा, हरड़ सहित अन्य आचार व मुरब्बा बनाए हैं। इन सभी आचार के अपने अपने फायदे हैं। सभी आचार देसी खांड में बनाए गए हैं। किसी भी केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता।