आपात स्थिति हो या कानून-व्यवस्था की चुनौती, पुलिस की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। एसपी निकिता खट्टर के मार्गदर्शन में हुए अभ्यास के दौरान जवानों ने भीड़ नियंत्रण, वाटर कैनन के इस्तेमाल और राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया। इस दौरान घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया भी दोहराई गई। डीएसपी नरसिंह के निर्देशन में जवानों ने विभिन्न परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल के माध्यम से पुलिस बल की त्वरित प्रतिक्रिया, अनुशासन, आपसी तालमेल और आपात स्थिति में निर्णय लेने की क्षमता को परखा गया। वाटर कैनन के जरिए भीड़ को नियंत्रित करने की प्रक्रिया का अभ्यास करते हुए सुरक्षा मानकों का पालन करने पर जोर दिया गया। संयम और सूझबूझ से लें निर्णय डीएसपी नरसिंह ने जवानों को निर्देश दिए कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में घबराने के बजाय संयम और सूझबूझ से काम लें। भीड़ नियंत्रण के दौरान कानून के दायरे में रहकर आवश्यक और अनुपातिक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि नियमित मॉक ड्रिल से जवानों का आत्मविश्वास बढ़ता है और टीमवर्क मजबूत होता है। आपात स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय भी जरूरी है। फतेहाबाद पुलिस का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से जवानों को हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रखना है।