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फतेहाबाद के रतिया में एमएसपी से कम दाम पर धान खरीदने का आरोप, किसानों ने मंडी में दिया धरना

अनाज मंडी में धान की खरीद निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दामों पर किए जाने, खरीद में देरी और डीएपी खाद की कथित कालाबाजारी के विरोध में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ ने मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष राजविंदर चहल की अध्यक्षता में किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धान की खरीद निर्धारित एमएसपी पर सुनिश्चित करने की मांग उठाई। नायब तहसीलदार बलवान सिंह के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजविंदर चहल ने आरोप लगाया कि मंडी में परमल धान का निर्धारित एमएसपी 2461 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद किसानों की फसल 1900 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी के कुछ अधिकारियों की सेलर संचालकों के साथ मिलीभगत के चलते किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खरीद में देरी से परेशान किसान प्रदेश प्रवक्ता राम जाट ने कहा कि किसान फसल तैयार करने में काफी मेहनत और पैसा खर्च करते हैं, लेकिन मंडी में उचित भाव नहीं मिलने और खरीद प्रक्रिया धीमी होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि धान खरीद में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और किसानों की फसल निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए। उन्होंने कहा कि किसान हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएपी खाद की कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया धरने के दौरान किसान नेता सतनाम लांबा, बेगराज और बंसी सिहाग ने डीएपी खाद की कथित कालाबाजारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गेहूं की बिजाई का सीजन नजदीक है। ऐसे में किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाना जरूरी है। किसानों ने आरोप लगाया कि खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश नहीं लगने से किसानों को परेशानी हो रही है और समय पर खाद नहीं मिलने से गेहूं की बिजाई प्रभावित होने की आशंका है। दो दिन में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी धरने की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार बलवान सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमों के विरुद्ध धान की खरीद नहीं होने दी जाएगी और किसानों की समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं, मार्केट कमेटी के सचिव ओम प्रकाश चहल ने किसानों के आरोपों को नकारते हुए कहा कि मंडी में नियमानुसार खरीद प्रक्रिया जारी है। यदि किसी किसान को कोई परेशानी आ रही है तो वह अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा और नियमों के विरुद्ध धान की खरीद नहीं होने दी जाएगी।

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