दादरी के दिल्ली रोड पर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की देखरेख करने वाली एजेंसी और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में बनी तालमेल की कमी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बिजली गुल होने से एसटीपी पर लगी मोटरों के बंद होने से दूषित पानी परिसर और खेतों में फैल रहा है। जिससे एसटीपी भवन जर्जर होने की संभावना बनी हुई है, वहीं खेतों में जलभराव होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से लाइट जाने के बाद जनरेटर चालू करवाने की मांग की है। ताकि किसानों को राहत की सांस मिल सके। गौरतलब है कि शहर के दिल्ली रोड पर बने एसटीपी की देख-रेख के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने निजी एजेंसी को टेंडर जारी किया हुआ है। इसके लिए विभाग प्रति वर्ष 20 लाख रुपये की राशि खर्च कर रहा है। लेकिन एजेंसी के कर्मचारी बिजली गुल होने की स्थिति में जनरेटर तक नहीं चलाते है, जिससे एसटीपी के रिजर्व टैंक ओवरफ्लो की स्थिति में पहुंच जाते हैं। ऐसे में टैंकों से निकला दूषित पानी परिसर में भरने के साथ खेतों में पहुंच जाता है। एसटीपी पर कार्यरत कर्मचारी से जब जलभराव के बारे में जानना चाहा, तब उन्होंने बताया कि जनरेटर में तेल नहीं होने के कारण चालू नहीं हो पाया है। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनरेटर में पर्याप्त मात्रा में डीजल डलवाया गया है, लेकिन एजेंसी का जनरेटर खराब होने की वजह से नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि एजेंसी की लापरवाही के कारण ही साथ लगते किसानों की करीब 250 एकड़ फसल बर्बाद हो रही है।