चरखी दादरी। शहर में दशहरा पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। बस स्टैंड के पीछे स्थित खाली मैदान में बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। विधायक सुनील सांगवान मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी में पुतला दहन किया गया। इस दौरान मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया। कार्यक्रम में सबसे पहले भगवान श्रीराम की सेना और रावण की सेना के बीच भयंकर युद्ध का मंचन किया गया। रामलीला के कलाकारों ने अपने अभिनय से युद्ध के दृश्य को जीवंत कर दिया। दोनों पक्षों के बीच संघर्ष के बाद रावण वध का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात रावण के पुतले को आग लगाई गई। देखते ही देखते वह धू-धू कर जलने लगा। वहीं, उसके साथ खड़े कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों ने कुछ देर बाद आग पकड़ी। आतिशबाजी रही आकर्षण का केंद्र पुतला दहन के दौरान की गई आतिशबाजी ने दर्शकों का विशेष रूप से ध्यान खींचा। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी बिखरने से पूरा मैदान उत्सव के रंग में रंग गया। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पर्व को लेकर उत्साह दिखाई दिया। लोगों ने एक-दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं दीं। दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन इसी संदेश को दोहराता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है। आयोजन के दौरान रामलीला कमेटी के सभी पदाधिकारी और कलाकार उपस्थित रहे।