अभय चौटाला ने कहा कि प्रदेश के लोग सोच रहे थे कि तीन दिन के विधानसभा सत्र के दौरान राज्य के हालत पर चर्चा होगी और विपक्ष अपनी भूमिका निभाएगीl लेकिन इस बार जो सत्र चला उसमें विपक्ष कहता रहा कि सरकार ने लोगों की जेबें खाली कर दी और सरकार कहती रही कि विपक्ष ने सुरक्षाकर्मी को कोहनी मारी हैl इस दौरान विधायकों को दो दो मिंट्स बोलने का अवसर दिए गए, जिसका कोई औचित्य नहीं होता है