समालखा स्थित भोड़वाल माजरी के विशाल संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर 79वें वार्षिक संत निरंकारी समागम की तैयारियां श्रद्धा, उत्साह और निस्वार्थ सेवा भावना के साथ शुरू हो गई हैं। 23 से 26 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले इस भव्य समागम को लेकर देश-विदेश से हजारों सेवादार समागम स्थल पर पहुंच चुके हैं। रविवार को विशेष अरदास और सेवा कार्यों के शुभारंभ के साथ दो माह लंबे सेवा पखवाड़े की शुरुआत की गई। सेवा कार्यों का शुभारंभ राजपिता रमित ने कस्सी चलाकर किया। सोमवार से संगत ने समागम स्थल पर विभिन्न सेवा कार्यों में विधिवत रूप से भाग लेना शुरू कर दिया। राजपिता रमित ने कहा कि समागम स्थल की सफाई और व्यवस्थाओं की शुरुआत केवल एक सेवा कार्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे सेवा, परोपकार और आत्म-जागृति से जुड़ा व्यापक आध्यात्मिक संदेश है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से मनुष्य को ऐसी दिव्य दृष्टि मिलती है, जिससे वह हर जीव में ईश्वर का दर्शन करते हुए अहंकार रहित होकर सेवा कर सकता है।