अंबाला सिटी। जीटी रोड जाम करने के मामले में सिख जत्थेबंदियों और किसान यूनियनों की एकजुटता रंग लाई है। मुख्यमंत्री द्वारा सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई के वादे पर अमल करते हुए रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। यमुनानगर के रामसर खेड़ी निवासी निहंग सरदार सुरमुख सिंह को बुधवार को जमानत मिल गई। 13 अगस्त को जीटी रोड जाम करने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनिकारियों में झड़प हुई थी। इसमें निहंग सरदार सुरमुख सिंह के सिर पर चोट आई थी। इसके बाद वह सिटी के नागरिक अस्पताल में उपचार लेने गए थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए कोशिश की थी, मगर कोई बात नहीं बन सकी। अब बुधवार को कोर्ट से जमानत मिल गई। जमानत के बाद सुरमुख सिंह संगत के साथ पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा में पहुंचे और मत्था टेका। वहीं समर्थकों ने शुकराना किया। ------------- दो युवाओं को पहले मिली थी जमानत सात अगस्त को पंजोखरा साहिब में खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड के साथ पंजोखरा साहिब में मारपीट हुई थी। इसमें सिख संगत की तरफ से आरोप लगाए गए थे कि नेता मंड ने जल्दबाजी में कुछ लोगों के ऊपर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। वहीं नेता मंड की शिकायत पर प्राथमिकी पुलिस ने दर्ज कर ली थी। इसे बाद दो सिख युवाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसी बात के विरोध में सिख संगत ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के नेतृत्व में 13 अगस्त को जीटी रोड जाम करने का फैसला लिया था। इसी दिए रात्रि में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। इसके बाद सरकार से समझौता हुआ और जेल से दोनों सिख युवाओं को जमानत मिल गई थी।