कुईं बाजार स्थित सिंह मैरिज लॉन में चल रही नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन गोवर्धन पूजा के प्रसंग की कथा सुनाई गई। वृंदावन से आए कथा व्यास हरिमंगल पराशर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भक्ति से सराबोर हो गए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला हमें प्रकृति, गौमाता और सनातन संस्कृत के प्रति सम्मान का भाव सिखाती है। गोवर्धन पूजा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और समाज में धार्मिक चेतना जागृत करने का पर्व है। धर्म के प्रति जागरूकता, आपसी सद्भाव और अच्छे संस्कारों से ही समाज को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सनातन धर्म की महान परंपरा को समझने, संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया।