फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रेटर नोएडा: सिग्नल के इंतजार में न बिगड़े फसल, छात्रों ने बनाया एग्रोलेन्स

ग्रेटर नोएडा के गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई या डिजिटल सेवाओं तक सीमित नहीं है। इसका असर खेती पर भी पड़ता है। फसल में बीमारी आने पर किसान कई बार सही जानकारी के लिए विशेषज्ञ तक नहीं पहुंच पाते और कमजोर नेटवर्क के कारण ऑनलाइन कृषि सेवाओं का लाभ भी नहीं ले पाते। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर के छात्र उद्यमियों ने एग्रोलेन्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए तकनीकी समाधान तैयार करने की पहल की है। गोरखपुर के बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्र आदर्श सिंह ने एग्रोलेन्स नाम का कृषि प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक और हाइब्रिड ऑफलाइन-क्लाउड कंप्यूटिंग को जोड़ा गया है। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कमजोर इंटरनेट वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों को फसल से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है। भविष्य में एआई से लैस ड्रोन को भी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। ड्रोन बड़े खेतों में फसल की निगरानी कर बीमारी के शुरुआती संकेतों की पहचान में मदद करेगा। इससे समय रहते किसान को जरूरी कदम उठाने में सहायता मिलने की उम्मीद है। एग्रोलेन्स में एआई आधारित फसल रोग पहचान और उपचार संबंधी सुझाव देने की सुविधा विकसित की गई है। आवाज आधारित सहायता भी इसमें शामिल है। हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल इस तरह किया गया है कि जरूरी सुविधाएं कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी उपलब्ध कराई जा सकें। इससे किसानों की कृषि संबंधी जानकारी के लिए लगातार इंटरनेट पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य है। मंच में एआई आधारित फसल रोग पहचान की सुविधा विकसित की जा रही है। किसान फसल में दिखाई देने वाले लक्षणों के आधार पर बीमारी की पहचान और संभावित उपचार संबंधी जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके साथ आवाज आधारित सहायता और खेत से जुड़े वास्तविक समय के आंकड़ों को भी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें