नोएडा शहर भर में यूं तो 27 से ज्यादा और ग्रेनो में 21 से ज्यादा बड़े निर्माणाधीन कार्यस्थल हैं। सभी जगह बड़ी संख्या में श्रमिक कार्य कर रहे हैं, लेकिन इस शहर की खूबसूरत इमारतों को रचने वाले श्रमिकों और उनके बच्चों के लिए कार्यस्थल पर उचित व्यवस्था की कमी से खतरा मंडरा रहा है। यहां तक कि बच्चों के लिए बनाए जाने वाले क्रेच भी कई जगह न होने से बच्चों की जान खतरे में है, लेकिन दूसरी तरफ श्रम विभाग अपनी दुनिया में खोया हुआ है। अमर उजाला ने जब इसकी पड़ताल की तो ऐसे बड़े निर्माणाधीन स्थलों में श्रमिक व उनके बच्चों के लिए की गई व्यवस्था की पोल खुल गई।