नोएडा में जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेआईआईटी) में बृहस्पतिवार को ओरिएंटेशन कार्यक्रम दीक्षारंभ में भारत सरकार के सूचना व प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ एल मुरुगन शामिल हुए। उन्होंने भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी (रचनात्मक अर्थव्यवस्था) और विश्व के लिए इसकी संभावनाओं पर बोलते हुए युवा पेशेवरों के लिए विकास का एक प्रमुख क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक इस क्षेत्र को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है और अकेले एनीमेशन, गेमिंग और विज़ुअल इफेक्ट्स क्षेत्र को ही लगभग 20 लाख कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होगी। डॉ मुरुगन ने कहा, भारत सरकार देश के युवाओं के लिए 2047 तक का रोडमैप तैयार कर रही है। भविष्य युवाओं का है। नई शिक्षा नीति भी उद्यमिता पर जोर देती है, जिसमें युवाओं का मानना है कि सिर्फ नौकरी मांगना नहीं है, देना भी है। क्रिएटिव इकोनॉमी ही नया भविष्य है।