प्रदेश कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लगे आरोपों के विरोध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया। निर्वाचन कार्यालय का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को रोकने पर पुलिस के साथ नोकझोक हुई। इस दौरान पुतला जला कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बर्खास्त करने व आयोग को भंग करने की मांग की है। शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अगुवाई में कांग्रेस भवन से पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सचिवालय स्थित निर्वाचन कार्यालय का घेराव करने के लिए कूच किया। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं व पुलिस केे बीच नोकझोंक व धक्का मुक्की हुई। कांग्रेस ने एसडीएम सदर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को भंग कर पूर्व में लिए गए सभी फैसलों को निरस्त करने और नए मुख्य निर्वाचन आयुक्त व निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति करने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा निर्वाचन आयोग देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण व सांविधानिक संस्थान है। स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराना निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। लेकिन आयोग की निष्पक्षता को लेकर कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण व चुनावी पारदर्शिता को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इससे राजनीतिक दलों व आम मतदाताओं के बीच चिंता उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए या फिर उन्हें बर्खास्त किया जाए। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के नाम पर देश के लोगों ने छल किया है। तीन साल से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार वोट चोरी का मामला उठा रहे हैं। जो आज सही साबित हो रही है। कांग्रेस की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें, जिससे आयोग की निष्पक्षता व विश्वसनीयता के प्रति जनता का विश्वास बना रहे। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान प्राप्त सभी फार्म-7 आवेदनों का विधानसभा व बूथवार विवरण सार्वजनिक किया जाए।