गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा-कारीआम मुख्य मार्ग पर एक ही स्थान के आसपास महज 24 घंटे के भीतर कोयला लदे दो वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पहले दिन कोयले से भरा एक वाहन सड़क पर पलट गया, वहीं अगले दिन उसी जगह के पास ब्रेकडाउन खड़े ट्रक को एक अन्य कोयला लदे वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के समय ट्रक के नीचे चालक और मिस्त्री मरम्मत का काम कर रहे थे। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
पहले पलटा कोयले से भरा वाहन, अगले दिन फिर हादसा
जानकारी के अनुसार, पहला हादसा एक दिन पहले सुबह हुआ था, जब कोयले से लदा वाहन अनियंत्रित होकर पेंड्रा-कारीआम मुख्य मार्ग पर पलट गया। इस दुर्घटना के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। हादसे के बाद यातायात सामान्य होने की कोशिशों के बीच अगले ही दिन सुबह उसी स्थान के पास एक और दुर्घटना हो गई।
इस बार कोयला लदे वाहन ने सड़क पर ब्रेकडाउन खड़े ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के वक्त ट्रक के नीचे चालक और मिस्त्री मरम्मत कार्य में जुटे हुए थे। अचानक हुई भिड़ंत से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, मिस्त्री और आसपास मौजूद लोग बाल-बाल बच गए।
सड़क के दोनों ओर लगा कई किलोमीटर लंबा जाम
लगातार दो हादसों के चलते पेंड्रा-कारीआम मुख्य मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह थम गई, जबकि कार और छोटे वाहन किसी तरह जगह बनाकर निकलते रहे। जाम के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
मोबाइल नेटवर्क और पानी की सुविधा नहीं, यात्री परेशान
स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुर्घटनास्थल के आसपास मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में जाम में फंसे वाहन चालकों और यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक जाम में फंसे रहने के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
भारी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एक ही स्थान के आसपास 24 घंटे के भीतर दो बड़े हादसे होने के बाद पेंड्रा-कारीआम मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संकेतक, पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और प्रभावी यातायात नियंत्रण व्यवस्था की जरूरत है।