गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम के साथ विवाद और दबंगई का मामला सामने आया है। मरवाही वनमंडल के गौरेला वन परिक्षेत्र में कार्रवाई करने पहुंची टीम के अनुसार, आरोपियों और उनके समर्थकों ने रास्ता रोककर जब्त किए गए दो ट्रैक्टरों को कथित तौर पर बलपूर्वक छुड़ा लिया। इस दौरान वन कर्मचारियों से गाली-गलौज, धमकी और महिला वन परिक्षेत्राधिकारी ज्योत्स्ना पांडे से झूमाझटकी व अभद्रता किए जाने का भी आरोप है।
अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर पहुंची थी टीम
वन विभाग के अनुसार, अंधियारखोह परिसर के ओरेंज एरिया हर्री स्थित नाले में अवैध रेत उत्खनन की सूचना मिली थी। इसके बाद रेंजर ज्योत्स्ना पांडे के नेतृत्व में वन अमला मौके पर पहुंचा। टीम को देखते ही वहां मौजूद दो ट्रैक्टर भागने लगे। वन कर्मचारियों ने घेराबंदी कर दोनों ट्रैक्टरों को करीब 100 मीटर दूर बैगानटोला हर्री में रोक लिया।
वन विभाग के प्रतिवेदन के मुताबिक, इनमें एक सोल्ड स्वराज ट्रैक्टर और सोनालिका ट्रैक्टर क्रमांक सीजी 10 एएक्स 7108 शामिल था। सोनालिका ट्रैक्टर के चालक केशव प्रसाद से पूछताछ में नाले से रेत उत्खनन के लिए जाने की बात सामने आने का उल्लेख प्रतिवेदन में किया गया है। ट्रैक्टर में 26 नग बांस करील भी लदा मिला, जिसकी फोटो लेकर जब्ती की कार्रवाई शुरू की गई।
कार्रवाई के बीच पहुंचे समर्थक, शुरू हुआ विवाद
वन विभाग के अनुसार, इसी दौरान स्वराज ट्रैक्टर का चालक गणेश मौके से चला गया और बाद में अजय राठौर सहित अन्य लोगों के साथ वापस आया। आरोप है कि इन लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में चढ़कर रेत उत्खनन में इस्तेमाल किए जा रहे तगाड़ी, बेलचा, फावड़ा और बांस करील नीचे फेंक दिए। इसके बाद वन अमले के साथ विवाद शुरू हो गया।
स्थिति को देखते हुए वन कर्मचारियों ने दोनों ट्रैक्टरों को अपनी अभिरक्षा में लेकर मढ़ना डिपो ले जाने की कार्रवाई शुरू की। लेकिन वन विभाग के अनुसार, हर्री स्टेशन के पास बैजन राठौर, जय राठौर, रामू राठौर, संजू राठौर, गणेश राठौर सहित करीब 15 से 20 ग्रामीणों ने रास्ता रोक लिया।
रास्ता रोककर ट्रैक्टर छुड़ाने का आरोप
वन विभाग के प्रतिवेदन में आरोप लगाया गया है कि भीड़ ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और धमकी देते हुए उन्हें ट्रैक्टरों से नीचे उतार दिया। इसके बाद दोनों जब्त ट्रैक्टरों को बलपूर्वक छुड़ाकर ले जाने की बात कही गई है। इसी दौरान महिला रेंजर ज्योत्स्ना पांडे के साथ झूमाझटकी और अभद्रता किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
वन विभाग के मुताबिक, वापस लौटते समय लालपुर अंडरब्रिज के पास ट्रैक्टर मालिक अर्जुन राठौर सहित कुछ लोगों ने विभाग के शासकीय वाहन सीजी 02 एयू 2116 को भी रोक लिया। यहां विवाद और गाली-गलौज किए जाने की बात भी विभागीय प्रतिवेदन में दर्ज है।
एफआईआर दर्ज करने की मांग
घटना की सूचना गौरेला पुलिस को दी गई। वन विभाग ने मौका पंचनामा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शासकीय कार्य में बाधा, महिला लोकसेवक से अभद्रता, अवैध रेत उत्खनन और वनोपज से संबंधित मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
वन विभाग ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट डीएफओ मरवाही और एसडीओ को भी भेजी है। अब मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।