प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम की मंगलवार को धमतरी में हुई कार्रवाई से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। ईडी की करीब आठ सदस्यीय टीम दो वाहनों से रुद्री रोड स्थित अमलतास पुरम पहुंची और यहां बलरामपुर जिले में पदस्थ अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया के निवास पर छापेमारी की।
बताया जा रहा है कि ईडी की टीम ने सुबह अमलतास पुरम स्थित मकान में पहुंचकर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान घर में मौजूद लोगों से पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, ईडी ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि छापेमारी किस मामले को लेकर की गई है और जांच के दौरान टीम को क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है।
जानकारी के मुताबिक चेतन बोरघरिया वर्तमान में बलरामपुर जिले में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। इससे पहले वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में उनके ओएसडी के तौर पर भी काम कर चुके हैं। मंगलवार को ईडी की टीम ने बलरामपुर में भी कार्रवाई की। इसी कार्रवाई के सिलसिले में बोरघरिया से पूछताछ किए जाने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार उन्हें पूछताछ के लिए सर्किट हाउस में रखा गया है।
इधर, धमतरी स्थित उनके आवास पर रिश्तेदारों के मौजूद होने की जानकारी है। एक ही दिन बलरामपुर और धमतरी में ईडी की कार्रवाई सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बताया जाता है कि चेतन बोरघरिया मूल रूप से धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनका नाम पूर्व में सीजीपीएससी भर्ती घोटाले से जुड़े आरोपों के संदर्भ में भी सामने आया था। हालांकि, मौजूदा ईडी कार्रवाई उसी मामले से जुड़ी है या किसी अन्य प्रकरण से, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी है। ईडी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही छापेमारी की वजह और जांच में सामने आए तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।