अररिया। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब की तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को अररिया जिले में शराब तस्करी से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने शराबबंदी के बीच अवैध शराब के कारोबार और उसके प्रति लोगों के आकर्षण दोनों को उजागर कर दिया। अररिया-रानीगंज मुख्य मार्ग एनएच-327ई पर रानीगंज थाना क्षेत्र के खरहट टोल प्लाजा के पास विदेशी शराब से लदा एक मिनी ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद ट्रक में लदी शराब की जानकारी जैसे ही आसपास के लोगों को मिली, घटनास्थल पर बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई। देखते ही देखते कई लोग शराब की बोतलें और कार्टन उठाकर वहां से जाने लगे।
जानकारी के अनुसार, शराब की खेप लेकर जा रहा मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर के बाद ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया और उसके अंदर रखे शराब के कार्टन प्रभावित हुए। हादसे के बाद ट्रक में सवार चालक और खलासी मौके से फरार हो गए। दुर्घटना की सूचना आसपास के क्षेत्र में फैलते ही लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे।इसके बाद सड़क पर कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसकी कल्पना सामान्य सड़क हादसे में नहीं की जा सकती थी। दुर्घटनाग्रस्त वाहन के आसपास जमा लोगों में शराब की बोतलें और कार्टन उठाने की होड़ मच गई। कई लोग हाथ में बोतलें लेकर जाते दिखाई दिए, जबकि कुछ लोग कार्टन उठाकर घटनास्थल से निकल गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी बड़ी संख्या में लोगों को दुर्घटनाग्रस्त वाहन के आसपास शराब की बोतलें और कार्टन उठाते देखा जा रहा है।स्थानीय स्तर पर यह भी बताया गया कि शराब लदे वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ बढ़ती चली गई। कुछ लोग पैदल तो कुछ दोपहिया वाहनों से घटनास्थल तक पहुंचे। पुलिस के पहुंचने तक शराब की काफी मात्रा लोग अपने साथ ले जा चुके थे।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रानीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मिनी ट्रक को कब्जे में लेने के साथ उसमें बची शराब की खेप को भी जब्त किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन किसके नाम पर है और शराब की खेप कहां से लाई जा रही थी तथा इसे कहां पहुंचाया जाना था।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस शराब उठाकर ले जाने वाले लोगों की पहचान के लिए घटनास्थल के वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि शराब को अवैध रूप से ले जाने या उठाकर ले जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सिलीगुड़ी से सुपौल ले जाने की बात
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शराब की यह खेप पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र से लाई जा रही थी और किशनगंज तथा अररिया होते हुए आगे सुपौल की ओर ले जाने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि शराब की वास्तविक मात्रा, तस्करी से जुड़े लोगों और खेप के अंतिम गंतव्य को लेकर जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।हादसे के बाद चालक और खलासी के मौके से फरार होने से पुलिस को शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच के लिए वाहन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। फिलहाल पुलिस दुर्घटनाग्रस्त वाहन, बरामद शराब और घटनास्थल से सामने आए वीडियो के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की खेप का इस तरह सड़क मार्ग से गुजरना और दुर्घटना के बाद उसका बड़ी मात्रा में लोगों द्वारा उठा लिया जाना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि शराब की खेप के पीछे कौन लोग थे और दुर्घटना के बाद शराब लेकर जाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है