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मेंथा टैंक में दम घुटने से तीन भाइयों की मौत
Badaun
Updated Thu, 17 Oct 2013 05:43 AM IST
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उसहैत(बदायूं)। स्थानीय थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर बिचौला में बुधवार सुबह हुए हादसे में तीन सगे भाइयों की जान चली गई। यह लोग सुबह छह बजे तुलसा की पेराई कराने कुनबे के ही बुजुर्ग मोतीलाल के मेंथा प्लांट पर गए थे। वहां मजदूर न होने पर खुद ही बंद टैंक को खोलकर उसकी सफाई में जुट गए। इस दौरान एक- एक भीतर गए तीनों भाइयों की दम घुटने से मौत हो गई।
बताते हैं कि टैंक के नीचे का जाल निकालने को कुंडा फंसाने के लिए पहले उदयपाल (22) टैंक में उतरा। आठ फुट गहरे टैंक में घुसते ही वह निढाल सा गिर पड़ा। उसे बाहर निकालने के लिए उसके बड़े भाई वीरपाल (25) और फिर अंत में सबसे बड़े भाई ओमपाल (28) टैंक में उतरे और अचेत होकर गिर पड़े। इस दौरान ऊपर से माजरा देख रहे ग्रामीणों में हंगामा मच गया। फिर होशियारी से मुंह पर कपड़ा बांधकर ग्रामीण टैंक में उतरे और तीनों को बाहर निकाला। तब तक एंबुलेंस और डॉक्टर आ चुके थे। इन्होंने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही परिवार में कोहराम मच गया।
सुबह सात बजे हुए हादसे के बाद एसओ ब्रजेश यादव फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने तीनों शवों का पंचनामा भरवाया। दोपहर में शवों को पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। यहां डॉक्टर हरपाल सिंह ने पोस्टमार्टम किया। इसमें मौत की वजह विषैली गैस से दम घुटना पुष्ट हुआ। गैस की प्रकृति जानने को बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया। इसकी रिपोर्ट से ही गैस की पहचान हो सकेगी। मौके पर एसडीएम दातागंज वैभव मिश्र, नायब तहसीलदार सतीश कुमार के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि तीनों मृतकों को कृषक दुर्घटना बीमा के तहत पांच-पांच लाख रुपये तथा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ बीमा योजना के तहत बीस-बीस हजार रुपये की मदद दी जाएगी। वह अधिकारियों से इसकी संस्तुति करेंगे।
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बताते हैं कि टैंक के नीचे का जाल निकालने को कुंडा फंसाने के लिए पहले उदयपाल (22) टैंक में उतरा। आठ फुट गहरे टैंक में घुसते ही वह निढाल सा गिर पड़ा। उसे बाहर निकालने के लिए उसके बड़े भाई वीरपाल (25) और फिर अंत में सबसे बड़े भाई ओमपाल (28) टैंक में उतरे और अचेत होकर गिर पड़े। इस दौरान ऊपर से माजरा देख रहे ग्रामीणों में हंगामा मच गया। फिर होशियारी से मुंह पर कपड़ा बांधकर ग्रामीण टैंक में उतरे और तीनों को बाहर निकाला। तब तक एंबुलेंस और डॉक्टर आ चुके थे। इन्होंने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही परिवार में कोहराम मच गया।
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सुबह सात बजे हुए हादसे के बाद एसओ ब्रजेश यादव फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने तीनों शवों का पंचनामा भरवाया। दोपहर में शवों को पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। यहां डॉक्टर हरपाल सिंह ने पोस्टमार्टम किया। इसमें मौत की वजह विषैली गैस से दम घुटना पुष्ट हुआ। गैस की प्रकृति जानने को बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया। इसकी रिपोर्ट से ही गैस की पहचान हो सकेगी। मौके पर एसडीएम दातागंज वैभव मिश्र, नायब तहसीलदार सतीश कुमार के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि तीनों मृतकों को कृषक दुर्घटना बीमा के तहत पांच-पांच लाख रुपये तथा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ बीमा योजना के तहत बीस-बीस हजार रुपये की मदद दी जाएगी। वह अधिकारियों से इसकी संस्तुति करेंगे।
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