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बड़े पैमाने पर हो रहा प्रतिबंधित पशुओं का वध
Badaun
Updated Fri, 28 Nov 2014 05:31 AM IST
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बदायूं। जरीफनगर में प्रतिबंधित पशुओं की खाल से भरा कैंटर पकड़े जाने के बाद साफ हो गया है कि जिले में कितने बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं का कटान हो रहा है। बरामद की गईं प्रतिबंधित पशुओं की सात सौ खालें ज्यादा पुरानी नहीं हैं। इस बरामदगी से यह तो साफ हो गया है कि जिले में एक नहीं कई अवैध बूचढ़खाने चल रहे हैं। पुलिस का भी प्रतिबंधित पशुओं का वध करने वालों को संरक्षण हासिल है।
चार महीने से जिले में पशु और मांस तस्करों ने सभी हदों को पार कर दिया है। कछला कांड, उसहैत कांड इसके उदाहरण हैं। इस दरम्यान कई बार पुलिस पर फायरिंग भी हुई। तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस प्रतिबंधित पशुओं का वध और तस्करी नहीं रोक सकी। इस दौरान पशु तस्कर जंगलों में आए दिन प्रतिबंधित पशुओं का वध करते रहे। गुरुवार को सात सौ पशुओं की खाल बरामद होने से साफ हो गया है कि जिले में भी बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं को काट कर उनका मांस बेचा जा रहा है। पुलिस खाल की बरामद कर अपनी पीठ जरूर थपथपा रही है लेकिन यह बताने को तैयार नहीं है कि यह पशु काटे कहां गए। जिले में कहां अवैध बूचढ़खाने चल रहे हैं। इसका जवाब भी पुलिस के पास नहीं है।
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चार महीने से जिले में पशु और मांस तस्करों ने सभी हदों को पार कर दिया है। कछला कांड, उसहैत कांड इसके उदाहरण हैं। इस दरम्यान कई बार पुलिस पर फायरिंग भी हुई। तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस प्रतिबंधित पशुओं का वध और तस्करी नहीं रोक सकी। इस दौरान पशु तस्कर जंगलों में आए दिन प्रतिबंधित पशुओं का वध करते रहे। गुरुवार को सात सौ पशुओं की खाल बरामद होने से साफ हो गया है कि जिले में भी बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पशुओं को काट कर उनका मांस बेचा जा रहा है। पुलिस खाल की बरामद कर अपनी पीठ जरूर थपथपा रही है लेकिन यह बताने को तैयार नहीं है कि यह पशु काटे कहां गए। जिले में कहां अवैध बूचढ़खाने चल रहे हैं। इसका जवाब भी पुलिस के पास नहीं है।
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