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यूक्रेन: सुरक्षा की लिखित गारंटी चाहते हैं जेलेंस्की, बोले- रूस ने फिर हमला किया तो कौन और कैसे करेगा मदद?

Fri, 06 Nov 2026 07:09 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 06 Nov 2026 07:09 PM IST
सार

रूस के साथ युद्ध खत्म होने के बाद यूक्रेन की सुरक्षा कैसे होगी, इसे लेकर राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से लिखित गारंटी मांगी है। वह जानना चाहते हैं कि रूस के दोबारा हमले पर कौन मदद करेगा और कैसे करेगा। अगले सप्ताह अमेरिका, रूस और यूक्रेन की बैठक भी होनी है। क्या अबू धाबी वार्ता में सुरक्षा का ठोस रास्ता निकलेगा? क्या ट्रंप युद्ध खत्म कराने के लिए बड़ा समझौता करा पाएंगे? आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं...

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Zelenskyy Seeks Written Security Guarantees, Asks Who Will Defend Ukraine if Russia Attacks Again and How
अमेरिका से मदद को लेकर जेलेंस्की को क्या उम्मीद? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रूस के साथ करीब पांच साल से जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से भविष्य की सुरक्षा को लेकर साफ और ठोस गारंटी मांगी है। उनका कहना है कि युद्ध खत्म होने के बाद यूक्रेन की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी, यह अभी से तय होना चाहिए। जेलेंस्की चाहते हैं कि अमेरिका और यूरोप के सहयोगी देश लिखित रूप में बताएं कि अगर रूस दोबारा हमला करता है तो यूक्रेन की मदद कौन करेगा, किस तरह करेगा और कितने समय में करेगा। यह मांग ऐसे समय आई है, जब यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच अगले सप्ताह अबू धाबी में पहली त्रिपक्षीय शांति वार्ता होने की तैयारी है।
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जेलेंस्की ने गुरुवार देर रात प्रसारित एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि सुरक्षा गारंटी के नाम पर केवल बड़े-बड़े वादे पर्याप्त नहीं हैं। उन्हें यह साफ-साफ पता होना चाहिए कि युद्ध के बाद रूस की ओर से फिर हमला होने की स्थिति में क्या कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना है कि इस व्यवस्था की जानकारी सबसे पहले यूक्रेन के लोगों को होनी चाहिए। जेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर दर्जनों बिंदु तय करना जरूरी नहीं है, बल्कि नतीजा स्पष्ट होना चाहिए। यानी किस देश की क्या जिम्मेदारी होगी, मदद के लिए कौन से संसाधन उपलब्ध होंगे और कार्रवाई कब की जाएगी। यूक्रेन चाहता है कि युद्ध खत्म होने के बाद उसे फिर से रूस के हमले का सामना अकेले न करना पड़े।
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ब्रसेल्स में हुई बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
पश्चिमी देशों के सहयोगियों ने ब्रसेल्स में लगातार दो दिन तक बैठक की। इसमें युद्ध के बाद यूक्रेन की सुरक्षा, देश के पुनर्निर्माण और वर्ष 2027 के लिए वित्तीय मदद पर चर्चा हुई। इन बैठकों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूरोपीय संघ के अधिकारियों के साथ विश्व बैंक तथा अमेरिकी निवेश समूह ब्लैक रॉक के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। यूक्रेन के मुख्य वार्ताकार रुस्तेम उमेरोव ने बताया कि बैठक में यूक्रेन और पूरे यूरोप के लिए रूस से पैदा होने वाले खतरों पर अलग से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इन खतरों का मुकाबला करने के लिए संयुक्त कदम उठाने पर भी विचार हुआ। जेलेंस्की चाहते हैं कि इन चर्चाओं का असर केवल बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि सुरक्षा और मदद की ठोस व्यवस्था कागज पर दिखाई दे।
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अमेरिका से मदद को लेकर जेलेंस्की को क्या उम्मीद है?
जेलेंस्की ने अमेरिका में यूक्रेन के समर्थन को बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राजनीति में दोनों प्रमुख दलों का समर्थन यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस सप्ताह हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका से अतिरिक्त मदद मिलने की संभावना बढ़ सकती है। जेलेंस्की ने विशेष रूप से पैट्रियट मिसाइलों के इंटरसेप्टर की जल्द आपूर्ति की उम्मीद जताई। यूक्रेन का कहना है कि रूसी हवाई हमलों से बचाव के लिए ये मिसाइलें बेहद जरूरी हैं। उनका मानना है कि अमेरिका से अतिरिक्त सहायता मिलने की संभावना अब बढ़ सकती है।

ट्रंप ने रूसी दूत से मुलाकात में क्या कहा?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को रूस के दूत किरिल दिमित्रिएव से मुलाकात की। हालांकि, उन्होंने इस बातचीत के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। ट्रंप ने कहा कि एक बड़ा समझौता होने जा रहा है और इसमें केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि पूरा यूरोप भी शामिल हो सकता है। ट्रंप पहले भी दावा करते रहे हैं कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्दी खत्म करा सकते हैं। हाल के दिनों में उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए रियायतें नहीं देने पर जेलेंस्की को जिम्मेदार ठहराया है। खास बात यह रही कि गुरुवार को वाशिंगटन में मौजूद यूक्रेनी अधिकारियों से ट्रंप ने मुलाकात नहीं की। वहीं, ट्रंप के दामाद और विशेष दूत जारेड कुशनर ने कहा कि ब्रसेल्स बैठक का उद्देश्य सभी पक्षों की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने, भविष्य में संघर्ष का खतरा घटाने और अधिक स्थिर माहौल बनाने के व्यावहारिक उपाय तैयार करना था।

रूस के हमले में कितने लोगों की मौत हुई और रातभर क्या हुआ?
यूक्रेन में शांति वार्ता की कोशिशों के बीच रूसी हमले जारी हैं। सोमवार को दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के कोमिशुवाखा गांव में एक पूर्व स्कूल और मानवीय सहायता वितरण केंद्र पर रूसी निर्देशित बमों से हमला हुआ था। इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। मलबे से और शव मिलने के बाद यह आंकड़ा सामने आया। इस हमले में दस शक्तिशाली निर्देशित बमों ने इमारत को तबाह कर दिया था। कई दर्जन लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। करीब पांच साल से जारी युद्ध के दौरान यह इस क्षेत्र के सबसे घातक हमलों में से एक है।

रूस और यूक्रेन के बीच ड्रोन हमले कितने तेज हो गए हैं?
  • रूस ने शुक्रवार की रात पूर्वी यूक्रेन के निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के पांच जिलों में दस से अधिक ड्रोन हमले किए। इनमें गोदामों, घरों, कारों और एक खेल परिसर को नुकसान पहुंचा।
  • मध्य यूक्रेन के किरोवोह्राद क्षेत्र में एक ड्रोन निजी घर से टकराया। इसके बाद वहां आग लग गई और तीन लोग घायल हो गए।
  • यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस ने रातभर में 227 हमलावर ड्रोन भेजे। इनमें 86 जेट इंजन वाले ड्रोन थे।
  • यूक्रेन के 14 स्थानों पर ड्रोन हमले हुए और आठ अन्य जगहों पर उनके मलबे गिरने की सूचना मिली।
  • यूक्रेन की वायु रक्षा ने 196 रूसी ड्रोन को मार गिराने या निष्क्रिय करने का दावा किया।
  • रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सेना ने रातभर में 142 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।

युद्ध के मैदान में लगातार हो रहे हमलों और बढ़ती मौतों के बीच अगले सप्ताह अबू धाबी में यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय शांति वार्ता प्रस्तावित है। फरवरी के बाद यह पहली ऐसी बातचीत होगी, जिसमें तीनों देश एक साथ शामिल होंगे। जेलेंस्की के लिए इस वार्ता में युद्ध खत्म करने के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षा का सवाल भी अहम रहेगा। यूक्रेन चाहता है कि शांति समझौते के बाद उसकी सुरक्षा केवल आश्वासनों पर निर्भर न रहे, बल्कि पश्चिमी देशों की जिम्मेदारी और मदद का तरीका पहले से तय हो।
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