China-US: 'बाइडन सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार'; अमेरिका के साथ रिश्तों पर जिनपिंग ने दिया बड़ा बयान
जिनपिंग ने कहा कि दुनिया के दो प्रमुख देशों के रूप में चीन और अमेरिका राज्य-दर-राज्य बातचीत का सही रास्ता खोज सकते हैं। यह विश्व शांति और विकास और मानव जाति के भविष्य पर निर्भर करता है।
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अमेरिका और चीन के व्यापारिक रिश्ते बीते कुछ सालों से खराब चल रहे हैं। अब दोनों ही देशों की सरकार ने रिश्तों पर जमी बर्फ को पिघलाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इस बीच, विश्व शांति और विकास पर अमेरिका-चीन संबंधों के प्रभाव का हवाला देते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बीजिंग वाशिंगटन के साथ काम करने, मतभेदों को ठीक से प्रबंधित करने और एक-दूसरे के प्रति योगदान करने के लिए तैयार है। चीन की सरकारी मीडिया एजेंसी शिन्हुआ ने बुधवार को कहा कि दोनों देश प्रगति और आम समृद्धि पर जोर दे रहे हैं।
जिनपिंग ने कहा कि दुनिया के दो प्रमुख देशों के रूप में चीन और अमेरिका राज्य-दर-राज्य बातचीत का सही रास्ता खोज सकते हैं। यह विश्व शांति और विकास और मानव जाति के भविष्य पर निर्भर करता है।
चीन के विदेश मंत्री जाएंगे अमेरिका दौरे पर
चीन के विदेश मंत्री वांग यी 26-28 अक्तूबर तक अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं। वांग यी अमेरिका में विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात करेंगे। अमेरिका की बाइडन सरकार चीन के साथ बातचीत जारी रखने की इच्छुक है और इसी के चलते वांग यी का अमेरिका दौरा हो रहा है।
अगले महीने मिल सकते हैं जो बाइडन और शी जिनपिंग
वहीं, अमेरिका अपने हितों और मूल्यों के लिए, मतभेद खत्म करने और साझा चुनौतियों को दूर करने के लिए कूटनीति का इस्तेमाल करता रहेगा। वांग यी का अमेरिका दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है, जब अमेरिकी सांसद दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव को कम करने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि अगले महीने सैन फ्रांसिस्को में एक अहम क्षेत्रीय सम्मेलन होना है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हो सकते हैं।
दोनों देशों के बीच तनाव है जारी
गौरतलब है कि प्रौद्योगिकी, जासूसी, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और सैन्य ताकत समेत कई मुद्दों पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है। तनाव के इन मुद्दों में दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य में कई करीबी सैन्य मुठभेड़, साथ ही फरवरी में जासूसी गुब्बारे का मामला और वर्तमान में यह आरोप कि चीन ने कम से कम 2019 से क्यूबा में एक जासूसी अड्डा संचालित किया है, शामिल हैं।
इससे पहले अगस्त में राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन पर करारा हमला किया था। राष्ट्रपति बाइडन ने आर्थिक चिंताओं का हवाला देते हुए शी के चीन को 'टिक-टिक करता टाइम बम' बताया था। इतना ही नहीं उससे पहले, जून में बाइडन ने शी को 'तानाशाह' तक कह दिया था। जिसके बाद इन बयानों को लेकर चीन ने सख्त प्रतिक्रिया दी थी।