World: सिंगापुर में 101 वर्षीय इतिहासकार सैमुअल का निधन; बलूचिस्तान में पांच लापता लोग लौटे, दो छात्र फिर गायब
पूर्व राजदूत के. केशवपानी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सैमुअल के शोध ने चेट्टी समुदाय को अपनी पहचान दिलाने में बड़ी मदद की। साल 2008 में एसोसिएशन ऑफ चेट्टी मेलका बनाने में भी उनकी अहम भूमिका रही। सैमुअल का जन्म 1925 में मलेशिया के कुआला सेलंगोर में हुआ था। उन्होंने 1950 के दशक में सिंगापुर के विक्टोरिया स्कूल में शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया। वह अपने छात्रों के हक के लिए हमेशा आवाज उठाते थे। इतिहास के अलावा उन्होंने सिंगापुर में अलग-अलग धर्मों के बीच भाईचारा बढ़ाने के लिए भी बहुत काम किया। वह इंटर-रिलिजियस ऑर्गनाइजेशन (आईआरओ) के सक्रिय सदस्य भी थे। उन्होंने सिंगापुर के पूर्व उप-प्रधानमंत्री गोह केंग स्वी के साथ भी कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम किया।
दक्षिण कोरिया: ऑटो पार्ट्स फैक्टरी में आग लगने से 55 घायल
दक्षिण कोरिया के डेजेजॉन शहर में एक ऑटो पार्ट्स फैक्टरी में आग लग गई। इस हादसे में शुक्रवार को 55 लोग घायल हुए। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की संख्या बढ़ सकती है।
राष्ट्रीय दमकल एजेंसी ने कहा, लगता है आग एक विस्फोट के कारण लगी। 24 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की कि घायलों में किसी की जान खतरे में है या नहीं। दमकल प्रमुख ड्यूक-वू ने कहा कि 14 लोग अभी भी फैक्टरी में फंसे हो सकते हैं। पुलिस उनका पता लगाने के लिए मोबाइल सिग्नल ट्रैक कर रही है।
वीडियो और फोटो में फैक्टरी से धुआं उठते हुए दिखाई दिया। कुछ कर्मचारी इमारत से कूदकर बचने की कोशिश कर रहे थे। आग के कारण फैक्टरी का एक भवन पूरी तरह नष्ट हो गया।
श्रीलंका ने वापस भेजे ने भारतीय मछुआरे
श्रीलंका से शुक्रवार को नौ भारतीय मछुआरों को वापस भेजा गया है और वे अपने घर लौट रहे हैं। कोलंबो में भारतीय दूतावास ने यह जानकारी दी।
बिना चालक दल के भूमध्य सागर में तैर रहा रूसी टैंकर
पिछले दो हफ्तों से भूमध्य सागर में एक रूसी टैंकर बिना चालक दल के तैर रहा है। इटली की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि यह टैंकर अब लीबिया के खोज और बचाव क्षेत्र में आ गया है। यह टैंकर लीबिया के पानी से लगभग 40 समुद्री मील (74 किलोमीटर) दूर है। टैंकर का नाम आर्कटिक मेटागैज है। यह रूस का 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा है। यह जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ते हुए ईंधन ले जा रहा है। इसमें तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) है। यह जहाज इस महीने की शुरुआत में माल्टा के पास ड्रोन हमले में खराब हो गया था।
दूसरी तरफ, नए मामलों ने डर का माहौल बना दिया है। कराची से 26 साल के मेडिकल छात्र इमरान बलूच को 20 दिसंबर 2025 को हिरासत में लिया गया। वह मूल रूप से बलूचिस्तान के रहने वाले हैं और अभी तक उनका कुछ पता नहीं चला है। एक अन्य मामले में, लसबेला यूनिवर्सिटी के छात्र हसीब बलूच को 4 फरवरी 2026 को ग्वादर के पसनी से पकड़ा गया। इन छात्रों के परिवारों का कहना है कि प्रशासन कोई जानकारी नहीं दे रहा है। मानवाधिकार संगठन लंबे समय से पाकिस्तान की आलोचना कर रहे हैं। जवाबदेही की कमी के कारण स्थानीय लोगों में सरकार के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।
पाकिस्तानी हमले में घायल अफगान नागरिकों की मदद को आगे आया भारत, 2.5 टन मेडिकल सहायता भेजी
एमईए की ओर से अफगानिस्तान को भरोसा दिलाया गया कि भारत वहां के लोगों के साथ खड़ा है। भारत इस मुश्किल समय में हरसंभव मानवीय सहायता भेजता रहेगा। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा, 16 मार्च को हुए जघन्य हमले में घायल हुए लोगों के इलाज और शीघ्र स्वस्थ होने में सहायता के लिए भारत ने काबुल को आपातकालीन दवाओं, मेडिकल डिस्पोजेबल, किट और उपकरणों की 2.5 टन की खेप भेजी है।
To support the medical treatment and swift recovery of those injured in the heinous attack on 16 March, India delivers a 2.5-ton consignment of emergency medicines, medical disposables, kits and equipment to Kabul.
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) March 20, 2026
India stands in solidarity with the Afghan people and will… pic.twitter.com/9dDu589tiY
विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत अफगान लोगों के साथ खड़ा है और इस कठिन समय में हरसंभव मानवीय सहायता देना जारी रखेगा। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में 16 मार्च की रात पाकिस्तान के हवाई हमले में अस्पताल तबाह हो गया। तालिबान सरकार के अनुसार, इस हमले में 400 से ज्यादा लोग मारे गए और कम से कम 250 लोग घायल हो गए।
यरूशलम स्थित अल-अक्सा मस्जिद परिसर को दशकों के बाद पहली बार ईद की नमाज के लिए पहली बार बंद किया गया है। इससे पहले 1967 में पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान मस्जिद पूरी तरह बंद की गई थी। युद्ध के दौरान इस्राइल ने पूर्वी यरूशलम और पुराने शहर पर कब्जा कर लिया था। यह मस्जिद एक पहाड़ी परिसर में मौजूद है, जो मुस्लिम और यहूदी दोनों समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है। अल-अक्सा मस्जिद को लेकर इतिहास में कई बार इस्राइलियों और फलस्तीनियों के बीच टकराव हो चुका है। ईरान युद्ध के दौरान सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस्राइल ने पुराने शहर के सभी धर्मों के उपासकों के लिए पवित्र स्थलों को बंद कर रखा है, हालांकि इन प्रतिबंधों का सबसे अधिक प्रभाव मुसलमानों पर पड़ा है क्योंकि हर शुक्रवार को हजारों मुसलमान अल-अक्सा में नमाज अदा करने के लिए आते हैं।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खिलाफ नया मुकदमा दायर किया है। ट्रंप प्रशासन ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय परिसर में यहूदी विरोधी घटनाओं (एंटीसेमिटिज्म) को रोकने में विफल रहा और इस तरह उसने नागरिक अधिकार कानून का उल्लंघन किया। मैसाचुसेट्स की संघीय अदालत में दायर इस मुकदमे में न्याय विभाग ने कहा है कि हार्वर्ड के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकार मौजूदा अनुदानों को रोक सकती है और पहले दिए गए फंड की वसूली भी कर सकती है। विभाग ने अदालत में कहा कि अमेरिका इन विफलताओं को बर्दाश्त नहीं करेगा और हार्वर्ड को कानून का पालन करने के लिए मजबूर किया जाएगा। यह मामला ट्रंप प्रशासन और हार्वर्ड के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का हिस्सा है। शुरुआत कैंपस में यहूदी विरोधी घटनाओं की जांच से हुई थी, जो बाद में बड़े टकराव में बदल गई। इस दौरान प्रशासन ने 2.6 अरब डॉलर से अधिक की रिसर्च फंडिंग रोक दी, संघीय अनुबंध समाप्त किए और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के दाखिले पर रोक लगाने की भी कोशिश की।
अमेरिका : ट्रंप ने जारी कर दी राष्ट्रीय एआई नीति, राज्यों के अलग कानूनों पर होगी रोक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को देश की पहली एकीकृत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति जारी की। इसका मुख्य उद्देश्य राज्यों की तरफ से बनाए जा रहे अलग-अलग नियमों को समाप्त कर पूरे देश में एक समान राष्ट्रीय फ्रेमवर्क लागू करना है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अलग-अलग राज्यों के नियम तकनीकी विकास में बाधा बन रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा है कि जो राज्य तकनीकी प्रगति को रोकने वाले नियम बनाएंगे, उनका फेडरल ब्रॉडबैंड फंड रोक दिया जाएगा। व्हाइट हाउस के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार माइकल क्रैट्सियोस ने बताया कि हमें 50 राज्यों के अलग-अलग नियमों के बजाय एक राष्ट्रीय ढांचे की जरूरत है। इसके तहत माता-पिता को बच्चों के अकाउंट और डिवाइस पर नियंत्रण दिया जाएगा, ताकि निजता और शोषण से बचाव हो सके। डाटा सेंटरों के लिए बिजली की कमी दूर करने के लिए उन्हें अपने परिसर में ही बिजली उत्पादन की अनुमति दी जाएगी। नवाचार की बाधाएं हटाकर वैश्विक स्तर पर एआई क्षेत्र में अमेरिकी दबदबा कायम करना।
चीन में भारत के नए राजदूत को मिला चीनी नाम 'वेई जियामेंग'
चीन में भारत के नए राजदूत विक्रम दोराईस्वामी को एक चीनी नाम ‘वेई जियामेंग’ दिया गया है, जिसका अर्थ शुभ या प्रशंसनीय सहयोगी बताया जा रहा है। 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी दोराईस्वामी की नियुक्ति बृहस्पतिवार को की गई थी।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने देखा है कि भारतीय राजदूत ने अपने लिए चीनी नाम चुना है। उन्होंने कहा कि चीन भारत के नए राजदूत का स्वागत करता है और उनके कार्यभार संभालने में हर संभव सहयोग करेगा। चीनी विद्वानों के अनुसार, ‘वेई’ एक सामान्य उपनाम है, जो ‘विक्रम’ के ‘वि’ से मेल खाता है। इतिहास में ‘वेई’ एक शक्तिशाली राज्य भी रहा है। ‘जिया’ का अर्थ शुभ या प्रशंसनीय और ‘मेंग’ का अर्थ गठबंधन होता है। इस तरह पूरा नाम 'उत्तम गठबंधन बनाने वाला' या 'शुभ सहयोगी' के रूप में देखा जा रहा है, जो वर्तमान भारत-चीन संबंधों के संदर्भ में कूटनीतिक महत्व रखता है।
द. कोरिया : ऑटो पार्ट्स फैक्टरी में आग, 53 घायल
दक्षिण कोरिया के मध्य शहर डेजॉन में कलपुर्जों की फैक्ट्री में आग लगने से 53 लोग घायल हो गए हैं। राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी ने कहा कि 35 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, लेकिन वह इनकी जानलेवा हालात की पुष्टि नहीं कर सके। घटनास्थल से मिले वीडियो में परिसर से घना धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा था। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने कर्मचारी अभी भी संयंत्र के अंदर फंसे हुए हैं। आग बुझाने के लिए 200 से अधिक दमकलकर्मी व 70 वाहन लगाए गए हैं।
नेपाल : बंधक बनाए गए असम के 23 भारतीय मजदूर मुक्त
नेपाल के मधेस प्रांत में जबरन श्रम और शोषण के शिकार 23 भारतीय नागरिकों को पुलिस ने सफलतापूर्वक मुक्त करा दिया है। इनमें असम के 12 महिलाएं, 7 पुरुष और 4 बच्चे शामिल हैं। इन्हें डाक्नेश्वरी नगरपालिका स्थित बाबा धर्मराज ईंट भट्ठे से मुक्त कराया गया। मानवाधिकार आयोग (मधेस प्रांत) के प्रमुख बुद्ध नारायण साहनी के अनुसार, ऑनलाइन शिकायत मिलने के बाद टीम ने जांच की और जिला पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की। आयोग ने कहा कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर सभी मजदूरों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं, पुलिस प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की पुष्टि की है। भट्ठा मालिक पर बंधुआ मजदूरी और मानवाधिकार उल्लंघन के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
खाड़ी देशों में 6,000 लोग असुरक्षित : नेपाल
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे लगभग 6,000 नेपाली नागरिकों ने खुद को असुरक्षित श्रेणी में पंजीकृत कराया है। मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से कुल 82,100 नेपाली नागरिकों ने अपना विवरण दर्ज कराया है। पश्चिम एशिया में इस्राइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर यह जानकारी सामने आई है। मंत्रालय के आपातकालीन कक्ष में अब तक विभिन्न देशों से 170 संपर्क किए गए हैं।
इस्राइल-ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है। दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इन हालात के बीच, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे इस युद्ध को वैश्विक ऊर्जा के लिए इतिहास का सबसे बड़ा खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य होने में छह महीने से भी अधिक समय लग सकता है। बिरोल ने कहा कि युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ रहा है। इसके कारण दुनिया सबसे गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समस्या सिर्फ तेल की कीमतें बढ़ने की नहीं है, बल्कि असली खतरा यह है कि तेल और गैस की आपूर्ति एकदम से बंद हो गई है।
ईरान ने होर्मुज में टोल के नाम पर शुरू की वसूली, ले रहा 18 करोड़ रुपये
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य जलमार्ग को बंद करने के बाद अब उस पर टोल वसूलने लगा है। वह जोखिम चार्ज के नाम पर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से 20 लाख डॉलर (लगभग 18 करोड़ रुपये) वसूल रहा है। यह पहली बार है कि होर्मुज से जहाजों को गुजरने के लिए टोल देना पड़ रहा है। अब तक इस जलमार्ग से जहाज मुफ्त गुजरते थे। हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर इसको लेकर कोई बयान नहीं दिया है। लॉयड इंटेलीजेंस इंस्टीट्यूट के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान नौवहन के लिए होर्मुज में एक सुरक्षित गलियारा तैयार कर रहा है। वह मिसाइल-ड्रोन हमलों के बीच कुछ चुनिंदा जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे रहा है। शिपिंग अधिकारियों का मानना है कि ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग पर अपना पूरा नियंत्रण साबित करना चाहता है।