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Bangladesh: क्या अमेरिका ने शेख हसीना की सरकार गिराई? जानिए क्या बोले बांग्लादेश की नई सरकार के सलाहकार
Tue, 01 Oct 2024 12:12 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 01 Oct 2024 12:12 PM IST
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मोहम्मद यूनुस और शेख हसीना
- फोटो : ANI
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अमेरिका पर उनकी सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। अब जब इसे लेकर बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे क्योंकि वह नहीं चाहते कि युवा पीढ़ी के बलिदान को कमतर आंका जाए।
सत्ता परिवर्तन को साजिश कहना युवा पीढ़ी के बलिदान को कमतर आंकना
मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा कि 'छात्रों और अन्य युवाओं को एक निरंकुश शासन को लोकतांत्रिक और समावेशी शासन में बदलने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। युवा पीढ़ी के बलिदान के चलते ही सरकार बदली और शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़कर भागना पड़ा। यह अचानक हुआ आंदोलन था, जो सरकार के सत्ता से बेदखल होने पर ही खत्म हुआ।'
हिंदू-अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर क्या बोले?
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और हिंदुओं पर हमले की घटनाओं पर मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा कि 'शेख हसीना के जाने के तुरंत बाद प्रशासन में एक खालीपन आ गया था और पुलिसिंग की भी समस्या थी क्योंकि पुलिस को युवा पीढ़ी के खिलाफ रखा गया था, इसलिए जब शेख हसीना चली गईं, तो उस समय तनाव और भावनाओं का ज्वार बहुत अधिक था, जिसके चलते कुछ घटनाएं हुईं, लेकिन इसे हिंदू विरोधी आंदोलन करना पूरी तरह से गलत है। हिंसा ज्यादातर अवामी लीग के वफ़ादारों के ख़िलाफ़ हुई। आंदोलन के दौरान कुछ हिंसा हुई, लेकिन वह इस आधार पर नहीं थी कि कोई हिंदू था या मुसलमान। अगर आप धर्म के हिसाब से गिनें, तो उस समय हिंदुओं की तुलना में मुसलमानों पर ज़्यादा हमले हुए, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अवामी लीग समर्थकों के ख़िलाफ आंदोलन चल रहा था जिसे सरकार संभालने के तुरंत बाद रोक लिया गया था। मुझे नहीं लगता कि इस समय इस देश में कोई शिकायत करेगा कि ऐसी कोई कार्रवाई हुई है।'
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'बांग्लादेश में मनाया जाएगा दुर्गा पूजा उत्सव'
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन से जब पूछा गया कि क्या देश में दुर्गा पूजा मनाई जाएगी, तो उन्होंने कहा, 'यह बहुत अजीब बात है। हो सकता है कि कुछ लोग दुर्गा पूजा को पसंद न करें, लेकिन इस देश में सदियों से दुर्गा पूजा होती आ रही है और ऐसा कोई मौका नहीं आया जब दुर्गा पूजा न हुई हो। निश्चित रूप से, जो श्रद्धालु दुर्गा पूजा करना चाहते हैं, वो कर सकते हैं। इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।'
भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर भी बोले बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार
मोहम्मद तौहीद हुसैन ने हाल ही में न्यूयॉर्क में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। भारत-बांग्लादेश के रिश्तों पर उन्होंने कहा कि 'दोनों देशों को एक दूसरे के साथ अच्छे कामकाजी रिश्ते रखने चाहिए। मेरी भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात हुई थी, जिसमें वे भी दोनों देशों के कामकाजी रिश्ते बेहतर रखने के पक्ष में थे। हालांकि उनके साथ शेख हसीना को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। दोनों देशों के बीच व्यापार चल रहा है। बीच में कुछ रुकावट आई थी, लेकिन अब फिर से दोनों देशों के बीच व्यापार रफ्तार पकड़ रहा है। दोनों देशों के एक दूसरे के साथ हित जुड़े हुए हैं।' हालांकि बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार ने भारत के वीजा केंद्रों के पूरी तरह से संचालित न होने पर निराशा जाहिर की, लेकिन कहा कि यह पूरी तरह से भारत सरकार का फैसला है।
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सत्ता परिवर्तन को साजिश कहना युवा पीढ़ी के बलिदान को कमतर आंकना
मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा कि 'छात्रों और अन्य युवाओं को एक निरंकुश शासन को लोकतांत्रिक और समावेशी शासन में बदलने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। युवा पीढ़ी के बलिदान के चलते ही सरकार बदली और शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़कर भागना पड़ा। यह अचानक हुआ आंदोलन था, जो सरकार के सत्ता से बेदखल होने पर ही खत्म हुआ।'
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हिंदू-अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर क्या बोले?
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और हिंदुओं पर हमले की घटनाओं पर मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा कि 'शेख हसीना के जाने के तुरंत बाद प्रशासन में एक खालीपन आ गया था और पुलिसिंग की भी समस्या थी क्योंकि पुलिस को युवा पीढ़ी के खिलाफ रखा गया था, इसलिए जब शेख हसीना चली गईं, तो उस समय तनाव और भावनाओं का ज्वार बहुत अधिक था, जिसके चलते कुछ घटनाएं हुईं, लेकिन इसे हिंदू विरोधी आंदोलन करना पूरी तरह से गलत है। हिंसा ज्यादातर अवामी लीग के वफ़ादारों के ख़िलाफ़ हुई। आंदोलन के दौरान कुछ हिंसा हुई, लेकिन वह इस आधार पर नहीं थी कि कोई हिंदू था या मुसलमान। अगर आप धर्म के हिसाब से गिनें, तो उस समय हिंदुओं की तुलना में मुसलमानों पर ज़्यादा हमले हुए, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अवामी लीग समर्थकों के ख़िलाफ आंदोलन चल रहा था जिसे सरकार संभालने के तुरंत बाद रोक लिया गया था। मुझे नहीं लगता कि इस समय इस देश में कोई शिकायत करेगा कि ऐसी कोई कार्रवाई हुई है।'
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#WATCH | Dhaka: On the incidents of attack on minorities and Hindus in Bangladesh, Foreign Affairs Adviser of Bangladesh Md. Touhid Hossain says, "Immediately after the departure of Sheikh Hasina, there was a vacuum in the administrations and there was also a problem of policing… pic.twitter.com/2tUOL9Pfor
— ANI (@ANI) October 1, 2024
'बांग्लादेश में मनाया जाएगा दुर्गा पूजा उत्सव'
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन से जब पूछा गया कि क्या देश में दुर्गा पूजा मनाई जाएगी, तो उन्होंने कहा, 'यह बहुत अजीब बात है। हो सकता है कि कुछ लोग दुर्गा पूजा को पसंद न करें, लेकिन इस देश में सदियों से दुर्गा पूजा होती आ रही है और ऐसा कोई मौका नहीं आया जब दुर्गा पूजा न हुई हो। निश्चित रूप से, जो श्रद्धालु दुर्गा पूजा करना चाहते हैं, वो कर सकते हैं। इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।'
भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर भी बोले बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार
मोहम्मद तौहीद हुसैन ने हाल ही में न्यूयॉर्क में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। भारत-बांग्लादेश के रिश्तों पर उन्होंने कहा कि 'दोनों देशों को एक दूसरे के साथ अच्छे कामकाजी रिश्ते रखने चाहिए। मेरी भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात हुई थी, जिसमें वे भी दोनों देशों के कामकाजी रिश्ते बेहतर रखने के पक्ष में थे। हालांकि उनके साथ शेख हसीना को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। दोनों देशों के बीच व्यापार चल रहा है। बीच में कुछ रुकावट आई थी, लेकिन अब फिर से दोनों देशों के बीच व्यापार रफ्तार पकड़ रहा है। दोनों देशों के एक दूसरे के साथ हित जुड़े हुए हैं।' हालांकि बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार ने भारत के वीजा केंद्रों के पूरी तरह से संचालित न होने पर निराशा जाहिर की, लेकिन कहा कि यह पूरी तरह से भारत सरकार का फैसला है।
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