World: ब्रिटेन में गांधी की प्रतिमा पर हमला, जांच में जुटी पुलिस; ताइवान की स्वतंत्रता पर बोले शी जिनपिंग
ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने मंगलवार को लंदन के टैविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर हुए अपराध की जांच शुरू की। पुलिस ने इस घटना को “जातिवादी प्रेरित” मानते हुए गंभीरता से लिया है। रविवार शाम को प्रतिमा के पेडेस्टल पर आपत्तिजनक ग्रैफिटी किए जाने की खबर मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। भारतीय उच्चायोग, लंदन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे “हिंसक हमला” कहा। उच्चायोग ने बयान में कहा कि यह सिर्फ वैंडलिज़्म नहीं, बल्कि अहिंसा के विचार और महात्मा गांधी की विरासत पर हमला है। घटना गांधी जयंती से कुछ दिन पहले हुई, जो अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाई जाती है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने ऐसे किसी भी व्यक्ति से संपर्क करने का अनुरोध किया है जो घटना के बारे में जानकारी दे सके।
कैम्डन काउंसिल ने पुष्टि की कि उनकी सफाई टीम को मौके पर भेजा गया है और वे प्रतिमा की मरम्मत में लगे हुए हैं। पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के साथ उच्चायोग की टीम मिलकर प्रतिमा को उसकी मूल स्थिति में लौटाने की प्रक्रिया में है। 1968 में इंडिया लीग के समर्थन से बनी कांस्य की यह प्रतिमा गांधी को ध्यान मुद्रा में दिखाती है। टैविस्टॉक स्क्वायर गार्डन्स समय के साथ शांति पार्क और चिंतन स्थल के रूप में उभरा है। प्रतिमा के आसपास चेरी के पेड़ हैं जो हिरोशिमा के नाभिकीय बम हमले के पीड़ितों की याद में लगाए गए हैं। गांधी जयंती पर प्रतिमा पर फूल अर्पित किए जाते हैं और गांधीजी के प्रिय भजन गाए जाते हैं। लंदन में वार्षिक समारोह दो स्मारकों पर आयोजित होते हैं, जिनमें से दूसरा नया कांस्य प्रतिमा पार्लियामेंट स्क्वायर में वेस्टमिंस्टर पैलेस के सामने स्थित है।
ताइवान की स्वतंत्रता बोले शी जिनपिंग
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को कहा कि चीन ताइवान की स्वतंत्रता की अलगाववादी गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप का दृढ़ता से विरोध और राष्ट्रीय संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की दृढ़ता से रक्षा करेगा। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष शी जिनपिंग ने यह टिप्पणी बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना की 76वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में की।
शी ने कहा, हमें ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों किनारों के बीच आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ाना चाहिए, ताइवान स्वतंत्रता की अलगाववादी गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करना चाहिए और मजबूती से राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करनी चाहिए। इससे पहले शी जिनपिंग सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना और राज्य के अन्य नेताओं के साथ मध्य बीजिंग के तियानमेन चौक पर समारोह में शामिल हुए, जहां उन्होंने शहीद राष्ट्रीय नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
फाइजर ने अपनी सभी दवाओं की कीमत घटाएगी- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दवाइयों के आयात पर घोषित 100 फीसदी टैरिफ बुधवार से लागू हो जाएगा। इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि दवा कंपनी फाइजर मेडिकेड बीमा कार्यक्रम को बेची जाने वाली अपनी सभी दवाओं की कीमत में कटौती करेगी। कंपनी अमेरिका को सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र मानते हुए सभी नई दवाओं की नई कीमत पेश करेगी। एक अधिकारी ने बताया कि व्हाइट हाउस अमेरिकियों के लिए दवाइयां खरीदने के लिए एक सीधे उपभोक्ता वेबसाइट ट्रंपआरएक्स शुरू करने की भी योजना बना रहा है।
फाइजर इस वेबसाइट के जरिये अपनी कुछ दवाओं की बिक्री सीधे उपभोक्ताओं को शुरू करेगी। ट्रंप ने जुलाई में 17 प्रमुख दवा कंपनियों को पत्र भेजकर उनसे दवाओं की कीमतें विदेशों में दी जाने वाली कीमतों के बराबर करने को कहा था। इस नीति को राष्ट्रपति ने सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र की कीमत कहा है। उन्होंने कंपनियों से 29 सितंबर तक बाध्यकारी प्रतिबद्धताओं के साथ जवाब देने को कहा था। फाइजर इस सौदे की घोषणा करने वाली पहली कंपनी है।
इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में बड़ा हादसा
इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत के सिदोआरजो शहर में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल की निर्माणाधीन इमारत नमाज पढ़ रहे छात्रों पर गिर गई। हादसे में कम से कम एक छात्र की मौत हो गई है, जबकि 83 अन्य छात्र घायल हुए हैं। कुछ छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इमारत पर गैरकानूनी तरीके से हो रहा था विस्तार
पुलिस प्रवक्ता जूल्स अब्राहम अबास्ट ने बताया कि जिस इमारत में छात्र अस्र की नमाज़ अदा कर रहे थे, उसमें बिना अनुमति के दो अतिरिक्त मंजिलें बनाई जा रही थीं। पहले यह भवन दो मंजिला था, लेकिन हाल ही में दो और फ्लोर जोड़ने का काम किया जा रहा था। निर्माण के दौरान ही नींव बोझ सहन नहीं कर पाई और पूरी इमारत गिर गई।
मलबे में अब भी फंसे हैं छात्र
पुलिस, सेना और बचावकर्मियों ने रातभर राहत कार्य चलाया। अभी भी कम से कम तीन छात्रों के मलबे में जिंदा फंसे होने की आशंका है। रेस्क्यू टीम ने बताया कि उन्होंने मलबे के नीचे कुछ और शव देखे हैं, जिससे अंदेशा है कि मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
अफगानिस्तान में तालिबान की सख्ती, इंटरनेट सेवाएं ठप
सोमवार को अफगानिस्तान में अचानक इंटरनेट ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो गई, जिससे देशभर में फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट सेवाएं ठप हो गईं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम तालिबान सरकार द्वारा अनैतिकता रोकने के प्रयास के तहत उठाया गया है।
मामले में नेटब्लॉक्स नामक इंटरनेट निगरानी संस्था ने बताया कि सोमवार को अफगानिस्तान में इंटरनेट कनेक्टिविटी सिर्फ 14% रह गई, जो लगभग पूरे देश में टेलिकॉम सेवाओं के ठप होने का संकेत है। संस्था ने कहा कि इससे लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग कट गया है। यह पहला मौका है जब अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद तालिबान सरकार ने इतनी बड़ी इंटरनेट बंदी की है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ हफ्ते पहले तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्ला अखुंदजादा ने फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था, ताकि समाज में बढ़ती "अनैतिकता" को रोका जा सके। तब से कई प्रांतों में इंटरनेट सेवाएं बाधित हो चुकी थीं।
कोयला उद्योग को फिर से खड़ा करने में जुटे ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में कोयला उद्योग को दोबारा ज़िंदा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को घोषणा की कि 13 मिलियन (1.3 करोड़) एकड़ संघीय जमीन को कोयला खनन के लिए खोला जाएगा और 625 मिलियन डॉलर की मदद से देश के पुराने कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को फिर से चालू या आधुनिक बनाया जाएगा।
यह फैसला ऊर्जा विभाग, आंतरिक मंत्रालय और पर्यावरण संरक्षण एजेंसी द्वारा लिया गया है। यह कदम ट्रंप द्वारा अप्रैल में जारी कार्यकारी आदेशों का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने कोयला उद्योग को फिर से मजबूत बनाने की बात कही थी। अमेरिका में कोयला, एक भरोसेमंद लेकिन प्रदूषणकारी ऊर्जा स्रोत रहा है, जो पिछले कुछ वर्षों में सख्त पर्यावरण नियमों और सस्ती प्राकृतिक गैस के कारण घटता जा रहा था।
भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर ने खुद को बताया निर्दोष
अमेरिका के फ्लोरिडा के हाईवे पर बीते दिनों हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत के मामले में आरोपी भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर हरजिंदर सिंह ने खुद को निर्दोष बताया है। 28 वर्षीय हरजिंदर सिंह ने सोमवार को अदालत में अपनी पहली पेशी छोड़ दी और गुनाह कबूल नहीं है की दलील दी। बता दें कि 12 अगस्त को फ्लोरिडा के टर्नपाइक हाईवे पर हरजिंदर सिंह ने अपने बड़े ट्रक से अचानक गैरकानूनी यू-टर्न लेने की कोशिश की। तभी पीछे से आ रही एक मिनीवैन ट्रक से टकरा गई। हादसे में वैन के ड्राइवर और दो यात्रियों की मौके पर मौत हो गई। सिंह और उनके साथ ट्रक में मौजूद व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई।
क्या आरोप हैं?
हरजिंदर सिंह पर विहिकलर होमिसाइड (यानि लापरवाही से गाड़ी चलाकर मौत की वजह बनना) के तीन मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा उन पर अमेरिका में अवैध रूप से रहने और इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के आरोप भी हैं। उन्हें फ्लोरिडा की सेंट लूसी काउंटी जेल में रखा गया है और कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया है।
लाइसेंस पर भी विवाद
इतना ही नहीं जांच में सामने आया कि सिंह को पहले वॉशिंगटन में और फिर कैलिफोर्निया में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस दिया गया था, जबकि उनके इमिग्रेशन स्टेटस के चलते उन्हें यह लाइसेंस मिलना ही नहीं चाहिए था। इस मामले के बाद ट्रंप प्रशासन और कैलिफोर्निया के गवर्नर के बीच बयानबाज़ी भी शुरू हो गई।
मामले में अमेरिका के परिवहन मंत्री शॉन डफी ने हादसे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कई राज्यों में गैर-कानूनी तरीके से सीडीएल (कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस) जारी किए जा रहे थे। कैलिफोर्निया में सबसे ज्यादा लापरवाही मिली, जिसके चलते अमेरिकी सरकार अब राज्य से $160 मिलियन (करीब 1300 करोड़ रुपये) की फंडिंग रोकने की चेतावनी दे रही है। अब इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को प्री-ट्रायल डॉकेट कॉल के रूप में होगी।
गाजा युद्ध पर विरोध जताना पड़ा भारी, अमेरिका ने कोलंबिया के राष्ट्रपति का वीजा रद्द किया
कोलंबिया और अमेरिका के बीच रिश्तों में नया तनाव देखने को मिला है। सोमवार को कोलंबिया सरकार ने बताया कि देश की विदेश मंत्री रोसा विलाविसेंसियो ने अपने अमेरिकी वीज़ा को त्याग दिया है, यह कदम उन्होंने राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का वीज़ा रद्द किए जाने के विरोध में उठाया।
राष्ट्रपति पेट्रो ने हाल ही में न्यूयॉर्क में गाजा युद्ध के खिलाफ एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने फिलिस्तीन को आज़ाद कराने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सेना बनाने की मांग की थी और अमेरिकी सैनिकों से ट्रंप के आदेश न मानने की अपील भी की थी। वह फिलिस्तीनी पारंपरिक स्कार्फ 'कुफिया' पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
इसके कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की कि पेट्रो के भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के चलते उनका वीज़ा रद्द किया जा रहा है। उस वक्त राष्ट्रपति पेट्रो यूएन महासभा में शामिल होने के बाद कोलंबिया लौट चुके थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि वे इटली के नागरिक भी हैं और बिना वीज़ा भी अमेरिका जा सकते हैं।
विदेश मंत्री का बयान- हम ऐसी कूटनीति नहीं चाहते
कोलंबिया के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह ऐसे कूटनीतिक वीज़ा में दिलचस्पी नहीं रखते जो "राय व्यक्त करने की आज़ादी" और "देश की संप्रभुता" को सीमित करें। वहीं मियामी के इमिग्रेशन वकील डेविड हार्ट के अनुसार, आमतौर पर लोग अमेरिकी वीजा खुद नहीं छोड़ते — वे बस उसे रिन्यू नहीं कराते। हार्ट का कहना है कि कोलंबिया की विदेश मंत्री का यह कदम मीडिया में संदेश देने और राष्ट्रपति पेट्रो के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए उठाया गया है।
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स्विट्जरलैंड आवामी लीग के महासचिव शायमल खान ने जिनेवा में एक प्रेस वार्ता के दौरान बांग्लादेश की वर्तमान सरकार और मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यूनुस सरकार पूरी तरह से अवैध है और उसने आतंकी हमले के जरिए सत्ता पर कब्जा किया है। शायमल खान ने आरोप लगाया कि यूनुस बांग्लादेश में अवैध और असंवैधानिक कार्य कर रहे हैं और देश में धार्मिक कट्टरपंथ को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना है कि इससे न सिर्फ हिंदू अल्पसंख्यकों, बल्कि दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों और स्वतंत्र सोच वाले लोगों पर भी अत्याचार हो रहे हैं।
शायमल खान ने कहा कि लोगों को मारा जा रहा है, उन्हें जबरन गायब किया जा रहा है। ये एक खतरनाक स्थिति है। हम इस अवैध यूनुस सरकार से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हैं। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश की कम से कम 50% आबादी आज भी आवामी लीग का समर्थन करती है, और बिना आवामी लीग के कोई भी चुनाव कराना मज़ाक के बराबर है। इतना ही नहीं, शायमल खान ने यह भी कहा कि यूनुस पाकिस्तान समर्थकों के साथ मिलकर देश को फिर से पीछे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।