{"_id":"618ea1e331bf66515513f6b4","slug":"world-needs-to-come-together-to-honour-2015-paris-agreement-union-environment-minister-bhupender-yadav-said-latest-news-update","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलवायु परिवर्तन: केंद्रीय मंत्री यादव बोले- दुनिया को 2015 पेरिस समझौते का सम्मान करने के लिए साथ आने की जरूरत","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
जलवायु परिवर्तन: केंद्रीय मंत्री यादव बोले- दुनिया को 2015 पेरिस समझौते का सम्मान करने के लिए साथ आने की जरूरत
Fri, 12 Nov 2021 10:48 PM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ग्लासगो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ग्लासगो
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 12 Nov 2021 10:48 PM IST
सार
उन्होंने अपने ब्लॉग सीओपी डायरी में लिखा, हम इस अहम जलवायु सम्मेलन के समापन की ओर बढ़ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन को रोकने को सामाजिक-आर्थिक बदलाव के लिए विकासशील दुनिया को जलवायु वित्त मुहैया कराने की जरूरत है।
विज्ञापन
भूपेंद्र यादव
- फोटो : ANI
विस्तार
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया को वर्ष 2015 में हुए पेरिस समझौते के तहत जताई गई प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने के लिए साथ आना चाहिए और इसे अमल में लाने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विकासशील दुनिया को जलवायु वित्त उपलब्ध करवाना चाहिए।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के 26वें जलवायु सम्मेलन सीओपी-26 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे यादव ने अपने ब्लॉग में लिखा कि अमीर देशों ने सदियों से शुरुआती औद्योगिकरण का लाभ जीवाश्म ईंधन जलाकर प्राप्त किया और अपनी अर्थव्यवस्थाओं का विकास किया और अब उन्हें उन अर्थव्यवस्थाओं की जरूरतों को समायोजित करना होगा, जिन्हें स्वच्छ व हरित ऊर्जा की ओर बढ़ना है।
उन्होंने अपने ब्लॉग सीओपी डायरी में लिखा, हम इस अहम जलवायु सम्मेलन के समापन की ओर बढ़ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन को रोकने को सामाजिक-आर्थिक बदलाव के लिए विकासशील दुनिया को जलवायु वित्त मुहैया कराने की जरूरत है। यादव ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृव में भारत जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए अधिक प्रयास करने को तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने (पीएम मोदी ने) विकसित दुनिया को याद दिलाया कि ऐतिहासिक कारणों से वे मौजूदा संकट का सामना कर रहे हैं और उन्होंने वैश्विक पर्यावरण की कीमत पर प्रगति की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के 26वें जलवायु सम्मेलन सीओपी-26 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे यादव ने अपने ब्लॉग में लिखा कि अमीर देशों ने सदियों से शुरुआती औद्योगिकरण का लाभ जीवाश्म ईंधन जलाकर प्राप्त किया और अपनी अर्थव्यवस्थाओं का विकास किया और अब उन्हें उन अर्थव्यवस्थाओं की जरूरतों को समायोजित करना होगा, जिन्हें स्वच्छ व हरित ऊर्जा की ओर बढ़ना है।
विज्ञापन
उन्होंने अपने ब्लॉग सीओपी डायरी में लिखा, हम इस अहम जलवायु सम्मेलन के समापन की ओर बढ़ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन को रोकने को सामाजिक-आर्थिक बदलाव के लिए विकासशील दुनिया को जलवायु वित्त मुहैया कराने की जरूरत है। यादव ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृव में भारत जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए अधिक प्रयास करने को तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने (पीएम मोदी ने) विकसित दुनिया को याद दिलाया कि ऐतिहासिक कारणों से वे मौजूदा संकट का सामना कर रहे हैं और उन्होंने वैश्विक पर्यावरण की कीमत पर प्रगति की है।
विज्ञापन