Pakistan: अब विश्व बैंक ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, कहा- 30 मई तक पुराना बकाया वापिस करो
पाकिस्तान ने अपने चार सूबों के विकास के नाम पर विश्व बैंक से लिया था कर्ज। इस कर्ज की बची हुई रकम, जिसका इस्तेमाल नहीं हो सका उसे विश्व बैंक ने वापस मांग लिया है। पाकिस्तान ने विश्व बैंक के चार मिलियन डॉलर दबा रखे हैं। अब पाकिस्तान के लिए यह रकम वापस करना बड़ी मुसीबत बन गया है।
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कंगाली और बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान को विश्व बैंक ने बड़ा झटका दिया है। विश्व बैंक ने पाकिस्तान को तीन दिन पहले चिट्ठी लिखकर पुराना हिसाब किताब क्लियर करने के लिए कहा है। यही नहीं इस चिट्ठी में विश्व बैंक ने बाकायदा पाकिस्तान को 30 मई की समय सीमा देकर दिए गए उधार का भुगतान करने का अल्टीमेट दिया है। हाल में ही भारत के साथ हुए युद्ध जैसे हालातों में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और बदहाल हो गई है। ऐसे में पाकिस्तान के पास अब विश्व बैंक के सामने गिड़गिड़ाने और हाथ जोड़ने के सिवा कोई चारा नहीं बचा है। अमर उजाला के पास वर्ल्ड बैंक की ओर से पाकिस्तान को भेजे गए उस गोपनीय दस्तावेज की कॉपी है। जिसमें स्पष्ट तौर पर लिखा हुआ है कि पाकिस्तान ने जो उधार विश्व बैंक से लिया है। उस पैसे को 30 मई तक हर हाल में वापस किया जाए। बाकायदा विश्व बैंक में पाकिस्तान को एक दशक पुराने दिए गए लोन का पूरा हिसाब-किताब भी सौंपा है।
बचे पैसे को पाकिस्तान नें दबाया
अमर उजाला के पास मौजूद गोपनीय दस्तावेजों के मुताबिक पाकिस्तान में विश्व बैंक के निदेशक की ओर से 17 मई को पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय को चिट्ठी लिखी गई है। मंत्रालय के सचिव डॉ. काजिम नियाज को अल्टीमेटम देते हुए विश्व बैंक ने लिखा है कि पाकिस्तान के चार अलग-अलग राज्यों के लिए कर्ज दिया गया था। अब उस कर्ज को वापस कर देना चाहिए। कई खातों में तो विश्व बैंक की ओर से दिया गया पैसा अभी भी बचा हुआ है। जबकि खातों को पूरी तरह से बंद किया जा चुका है। ऐसे में उस बची हुई धनराशि को भी विश्व बैंक को तत्काल प्रभाव से वापस किया जाना चाहिए। पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय को लिखी गई चिट्ठी के मुताबिक, जितना कर्ज पाकिस्तान को दिया गया वह तो अभी तक वापस नहीं हुआ है बल्कि नियम शर्तों के मुताबिक इस्तेमाल होने के बाद बची हुई धनराशि को विश्व बैंक को वापस किया जाना था। उसे राशि को भी पाकिस्तान ने वापस करने की बजाय दबा लिया। अब इस पैसे को वापस लेने के लिए पाकिस्तान पर विश्व बैंक ने शिकंजा कसा है।
इन प्रोजेक्ट के लिए था पैसा
चिट्ठी के मुताबिक पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंध वाटर और एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट के लिए दिए गए लोन में तकरीबन सात लाख अमेरिकी डॉलर का बकाया पाकिस्तान को करना है। इस बची हुई धनराशि को वापस लेने के लिए विश्व बैंक ने 31 मई 2024 को एक नोटिस भेजा था। लेकिन पाकिस्तान ने विश्व बैंक को यह रकम वापस नहीं दी। इसी तरह विश्व बैंक से पाकिस्तान ने खैबर पख्तून के लिए साउथ एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के नाम पर अच्छी खासी रकम उधार ली थी। इस रकम के बचे हुए हिस्से को वापस लेने के लिए 31 दिसंबर 2019 को विश्व बैंक की ओर से पाकिस्तान को रिमाइंडर भेजा गया। लेकिन पाकिस्तान ने वह पैसा भी नहीं दिया। पाकिस्तान ने पंजाब प्रांत के इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट के नाम पर कर्जा लिया था। इस वक्त इस प्रोजेक्ट पर लिए गए कर्ज का बकाया तकरीबन तीन मिलियन डॉलर पाकिस्तान के उपर है। इसी तरह बलूचिस्तान गवर्नेंस एंड पॉलिसी प्रोजेक्ट के तहत पाकिस्तान को विश्व बैंक ने मदद की थी। लेकिन इसका उधार पाकिस्तान ने अब तक क्लियर नहीं किया है।
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गोपनीय दस्तावेजों के मुताबिक विश्व बैंक ने आर्थिक मामलों के मंत्रालय के सचिव डॉक्टर काजिम के अलावा पाकिस्तान सरकार के कई बड़े-बड़े अधिकारियों को भी लपेटे में लिया है। इसमें कहा गया है कि जो लोन लिया गया था और वह क्लोज हो गया है, उस अकाउंट में बचे हुए लोन अमाउंट समेत जिसका इस्तेमाल नहीं हुआ है उस फंड को तत्काल प्रभाव से विश्व बैंक को वापस कर दिया जाना चाहिए। लेकिन पाकिस्तान अब बची हुई राशि को देने में आना-कानी कर रहा है। यही वजह है कि विश्व बैंक लगातार पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है। विदेशी मामलों के जानकार और दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अभिषेक सिंह बताते हैं कि पाकिस्तान की इस वक्त जो हालात है उसमें विश्व बैंक को बकाया मिलने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। इसका मुख्य कारण यही है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही बदहाल थी और अब युद्ध जैसे हालातो में उसने अपना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर और तबाह कर लिया है। यही वजह है कि पाकिस्तान को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेइज्जत होना पड़ रहा है।