Syria: असद के रूस में शरण लेने से लेकर सीरिया में ISIS ठिकानों पर अमेरिकी हमले तक, 10 बिंदुओं में सभी अपडेट्स
सीरिया में हालात काफी खराब हो चुके हैं। देश के राष्ट्रपति बशर अल-असद को सीरिया से भागकर रूस की शरण में जाना पड़ा। रविवार को हुए तख्तापलट से मिडिल-ईस्ट की राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ने के अनुमान हैं। आइए जानते हैं सबकुछ।
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सीरिया में हालात बद से बदतर हो गए हैं। देश के ज्यादातर हिस्सों और राजधानी समेत बड़े शहरों पर अब जेहादी बागियों का कब्जा हो चुका है। राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर रूस की शरण में भाग चुके हैं। सेना ने असद के देश छोड़ने की पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रपति की सत्ता खत्म हो चुकी है। वहीं, विद्रोहियों द्वारा असद को देश छोड़ने पर मजबूर करने के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने रविवार को सीरिया के अंदर आईएसआईएस के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया। आइए जानते हैं सबकुछ...
- अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि हमें इस बात की स्पष्ट जानकारी है कि इस्लामिक स्टेट चरमपंथी समूह, जिसे आईएसआईएस के नाम से जाना जाता है, सीरिया में खुद को फिर से स्थापित करने के लिए अभी के हालातों का फायदा उठाने की कोशिश करेगा। मगर हम ऐसा नहीं होने देंगे।
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- उन्होंने व्हाइट हाउस से कहा कि उनकी सेना ने रविवार को सीरिया के अंदर आईएसआईएस के खिलाफ हमले किए। इसकी पुष्टि अमेरिकी सेना ने की कि उसके लड़ाकू विमानों ने इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों और ठिकानों को निशाना बनाया।
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- अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि मध्य सीरिया में बी-52, एफ-15 और ए-10 सहित अमेरिकी वायु सेना के विमानों का इस्तेमाल कर 75 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए।
- इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों से लड़ने के लिए अमेरिका ने दक्षिण-पूर्व सीरिया में लगभग 900 सैनिकों की एक टुकड़ी को तैनात किया है।
- बाइडन ने यह भी कहा कि असम शासन का पतन न्याय का एक मौलिक कार्य है। उन्होंने कहा, 'यह सीरिया के लंबे समय से पीड़ित लोगों के लिए ऐतिहासिक अवसर का पल है।'
- सीरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनका परिवार कथित तौर पर मॉस्को पहुंचे हैं। उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से सियासी पनाह दी गई है।
- सीरिया में पिछले कई दिनों से विद्रोही गुटों और सेना के बीच कब्जे के लिए लड़ाई चल रही थी। आखिरकार, सरकार इस्लामवादी हयात तहरीर अल-शाम (HTS) समूह द्वारा असद परिवार के पांच दशक से अधिक शासन को चुनौती दिए जाने के 11 दिन बाद गिर गई। विद्रोही लड़ाकों ने रविवार को राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया, वो सड़कों पर गोलीबारी करके जीत का जश्न मना रहे हैं।
- शीर्ष विद्रोही कमांडर अबू मोहम्मद अल-गोलानी ने दमिश्क में एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, 'मेरे भाइयों, इस महान जीत के बाद पूरे क्षेत्र में एक नया इतिहास लिखा जा रहा है।'
- विद्रोहियों ने 27 नवंबर को संघर्ष तेज कर दिया था। इसी दिन पड़ोसी लेबनान में इस्राइल और ईरान समर्थित हिजबुल्ला सदस्यों के बीच युद्ध विराम हुआ।
- सीरिया में 2011 में शुरू हुए गृह युद्ध में 5,00,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और आधी आबादी को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।
सीरिया में 2011 में शुरू हुआ गृह युद्ध
बता दें, गृह युद्ध 2011 में अरब क्रांति के साथ ही सीरिया में गृह युद्ध की शुरुआत हुई थी। सीरिया के लोगों ने 10 साल से सत्ता में काबिज बशर अल-असद सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। इसके बाद 'फ्री सीरियन आर्मी' के नाम से एक विद्रोही गुट तैयार हुआ।
विद्रोही गुट के बनने के साथ ही सीरिया में गृह युद्ध की शुरुआत हो गई थी। इसमें अमेरिका, रूस, ईरान और सऊदी अरब के शामिल होने के बाद ये संघर्ष और बढ़ता गया। इस बीच, सीरिया में आतंकवादी संगठन आईएसआईएस ने भी पैर पसार लिए थे। 2020 के सीजफायर समझौते के बाद यहां सिर्फ छिटपुट झड़प ही हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, एक दशक तक चले गृहयुद्ध में 3 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके अलावा लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।