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UNGA: नए अध्यक्ष खलीलुर रहमान बोले- मानवाधिकारों की रक्षा और सदस्य देशों के साथ संवाद को देंगे प्राथमिकता
Wed, 03 Jun 2026 01:02 AM IST
Pavan
पीटीआई, न्यूयॉर्क
पीटीआई, न्यूयॉर्क
Published by: Pavan
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:02 AM IST
सार
खलीलुर रहमान मौजूदा महासभा अध्यक्ष और जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक का स्थान लेंगे। इस दौरान रहमान ने शरणार्थियों, प्रवासियों और विस्थापित समुदायों की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश इस पीड़ा को अच्छी तरह समझता है क्योंकि वह वर्षों से म्यांमार से आए लगभग 12 लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को आश्रय दे रहा है।
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खलीलुर रहमान, अध्यक्ष, संयुक्त राष्ट्र महासभा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के लिए निर्वाचित अध्यक्ष और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि वह अपने कार्यकाल के दौरान मानवाधिकारों से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे और सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुए कड़े मुकाबले वाले चुनाव में खलीलुर रहमान ने साइप्रस के विशेष दूत एंड्रियास काकौरिस को हराया। रहमान को 99 वोट मिले, जबकि काकौरिस को 91 मत प्राप्त हुए। उनका एक वर्ष का कार्यकाल सितंबर से शुरू होगा।
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अपने पहले संबोधन में क्या बोले खलीलुर रहमान?
चुनाव जीतने के बाद महासभा को संबोधित करते हुए खलीलुर रहमान ने कहा कि उनका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच भरोसा बहाल करना, सहमति का माहौल बनाना और सकारात्मक बातचीत को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि वह सभी देशों के अध्यक्ष होंगे और अपने व्यक्तिगत विचारों को अपने काम के बीच नहीं आने देंगे। उनका प्रयास मतभेदों को नजरअंदाज किए बिना साझा समाधान खोजने का रहेगा।
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रहमान ने अपने कार्यकाल की छह प्रमुख प्राथमिकताएं गिनाईं
संयुक्त राष्ट्र में क्षेत्रीय रोटेशन व्यवस्था के तहत इस बार एशिया-प्रशांत समूह से महासभा अध्यक्ष का चुनाव होना था। यह चुनाव ऐसे समय हुआ है जब 193 सदस्य देशों वाली महासभा जल्द ही 2027-28 कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद के पांच नए अस्थायी सदस्यों का भी चुनाव करने जा रही है। फरवरी में बांग्लादेश के विदेश मंत्री बने रहमान ने अपने कार्यकाल की छह प्रमुख प्राथमिकताएं भी गिनाईं। इनमें शांति, सुरक्षा और न्याय; सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्रगति; जलवायु लचीलापन और पर्यावरणीय स्थिरता; मानवाधिकार, मानवीय सहायता, शरणार्थी और प्रवासी; डिजिटल प्रशासन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; तथा बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र सुधार शामिल हैं।
दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है- रहमान
उन्होंने कहा कि 81वां महासभा सत्र ऐसे समय शुरू होगा जब दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऊर्जा और सुरक्षा संकट ने विशेष रूप से विकासशील देशों और वैश्विक दक्षिण के देशों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अपने नौवें दशक में प्रवेश कर रहा है, लेकिन संगठन पर लोगों का भरोसा कई मोर्चों पर परीक्षा से गुजर रहा है। रहमान ने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष और युद्ध लगातार लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। विकास के क्षेत्र में हुई प्रगति भी कई जगह कमजोर पड़ रही है और कुछ मामलों में पीछे जा रही है। उन्होंने चिंता जताई कि मानवाधिकारों के क्षेत्र में प्रगति के बावजूद कई देशों में अधिकारों और स्वतंत्रताओं में गिरावट देखी जा रही है, जबकि मानवीय सहायता के लिए उपलब्ध जगह भी सिमट रही है।
यह भी पढ़ें- US: हिंदूफोबिया और मंदिरों पर हमलों की निंदा का प्रस्ताव, भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने किया समर्थन
किन समस्याओं पर विशेष ध्यान देंगे खलीलुर रहमान?
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के मानवाधिकार संबंधी कार्यों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे और विभिन्न हितधारकों की भागीदारी के जरिए संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार व्यवस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का प्रयास करेंगे। रहमान ने शरणार्थियों, प्रवासियों और विस्थापित समुदायों की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश इस पीड़ा को अच्छी तरह समझता है क्योंकि वह वर्षों से म्यांमार से आए लगभग 12 लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को आश्रय दे रहा है। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या मुद्दे पर बांग्लादेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए उन्होंने इस संकट को करीब से देखा है। जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80 वर्षीय इतिहास में अध्यक्ष बनने वाली केवल पांचवीं महिला हैं।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दी बधाई
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के अध्यक्ष पद के लिए बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के निर्वाचित होने पर भारत ने उन्हें बधाई दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि वह साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय सहयोग मजबूत करने के लिए रहमान के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वथानेनी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। खलीलुर रहमान का कार्यकाल सितंबर 2026 से शुरू होगा।
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अपने पहले संबोधन में क्या बोले खलीलुर रहमान?
चुनाव जीतने के बाद महासभा को संबोधित करते हुए खलीलुर रहमान ने कहा कि उनका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच भरोसा बहाल करना, सहमति का माहौल बनाना और सकारात्मक बातचीत को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि वह सभी देशों के अध्यक्ष होंगे और अपने व्यक्तिगत विचारों को अपने काम के बीच नहीं आने देंगे। उनका प्रयास मतभेदों को नजरअंदाज किए बिना साझा समाधान खोजने का रहेगा।
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रहमान ने अपने कार्यकाल की छह प्रमुख प्राथमिकताएं गिनाईं
संयुक्त राष्ट्र में क्षेत्रीय रोटेशन व्यवस्था के तहत इस बार एशिया-प्रशांत समूह से महासभा अध्यक्ष का चुनाव होना था। यह चुनाव ऐसे समय हुआ है जब 193 सदस्य देशों वाली महासभा जल्द ही 2027-28 कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद के पांच नए अस्थायी सदस्यों का भी चुनाव करने जा रही है। फरवरी में बांग्लादेश के विदेश मंत्री बने रहमान ने अपने कार्यकाल की छह प्रमुख प्राथमिकताएं भी गिनाईं। इनमें शांति, सुरक्षा और न्याय; सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्रगति; जलवायु लचीलापन और पर्यावरणीय स्थिरता; मानवाधिकार, मानवीय सहायता, शरणार्थी और प्रवासी; डिजिटल प्रशासन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; तथा बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र सुधार शामिल हैं।
दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है- रहमान
उन्होंने कहा कि 81वां महासभा सत्र ऐसे समय शुरू होगा जब दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऊर्जा और सुरक्षा संकट ने विशेष रूप से विकासशील देशों और वैश्विक दक्षिण के देशों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अपने नौवें दशक में प्रवेश कर रहा है, लेकिन संगठन पर लोगों का भरोसा कई मोर्चों पर परीक्षा से गुजर रहा है। रहमान ने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष और युद्ध लगातार लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। विकास के क्षेत्र में हुई प्रगति भी कई जगह कमजोर पड़ रही है और कुछ मामलों में पीछे जा रही है। उन्होंने चिंता जताई कि मानवाधिकारों के क्षेत्र में प्रगति के बावजूद कई देशों में अधिकारों और स्वतंत्रताओं में गिरावट देखी जा रही है, जबकि मानवीय सहायता के लिए उपलब्ध जगह भी सिमट रही है।
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किन समस्याओं पर विशेष ध्यान देंगे खलीलुर रहमान?
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के मानवाधिकार संबंधी कार्यों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे और विभिन्न हितधारकों की भागीदारी के जरिए संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार व्यवस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का प्रयास करेंगे। रहमान ने शरणार्थियों, प्रवासियों और विस्थापित समुदायों की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश इस पीड़ा को अच्छी तरह समझता है क्योंकि वह वर्षों से म्यांमार से आए लगभग 12 लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को आश्रय दे रहा है। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या मुद्दे पर बांग्लादेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए उन्होंने इस संकट को करीब से देखा है। जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80 वर्षीय इतिहास में अध्यक्ष बनने वाली केवल पांचवीं महिला हैं।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दी बधाई
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के अध्यक्ष पद के लिए बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के निर्वाचित होने पर भारत ने उन्हें बधाई दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि वह साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय सहयोग मजबूत करने के लिए रहमान के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वथानेनी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। खलीलुर रहमान का कार्यकाल सितंबर 2026 से शुरू होगा।