फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Will Starmer step down? Britain's Keir government faces growing difficulties as another minister resigns

क्या पद छोड़ेंगे स्टार्मर?: ब्रिटेन की कीर सरकार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, एक और मंत्री ने दिया इस्तीफा

Tue, 12 May 2026 03:10 PM IST
रिया दुबे लंदन, पीटीआई
लंदन, पीटीआई Published by: रिया दुबे Updated Tue, 12 May 2026 03:10 PM IST
सार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जूनियर मंत्री मियाट्टा फाहनबुले ने सरकार से इस्तीफा देते हुए स्टार्मर से सुव्यवस्थित सत्ता हस्तांतरण के लिए समयसीमा तय करने की मांग की है। स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद लेबर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता दिख रहा है।

विज्ञापन
Will Starmer step down? Britain's Keir government faces growing difficulties as another minister resigns
कीर स्टार्मर - फोटो : PTI

विस्तार

ब्रिटेन की राजनीति में उथल-पुथल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार को उस समय बड़ा झटका लगा जब जूनियर आवास, समुदाय और स्थानीय सरकार मंत्री मियाट्टा फाहनबुले ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सिर्फ सरकार छोड़ी ही नहीं, बल्कि स्टार्मर से सुव्यवस्थित सत्ता हस्तांतरण के लिए समयसीमा तय करने की भी मांग कर दी।

विज्ञापन

प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग तेज 

फाहनबुलेह ने अपना इस्तीफा ऐसे समय दिया जब कैबिनेट की अहम बैठक के लिए मंत्री नंबर 10 डाउनिंग स्ट्रीट में जुटे हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबर पार्टी के चार अन्य वरिष्ठ नेता भी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद स्टार्मर अपने नेतृत्व के सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रहे हैं।

विज्ञापन


इसी बीच ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग को स्टार्मर के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। खबर है कि स्ट्रीटिंग मंगलवार को नेतृत्व चुनौती पेश करने की तैयारी में हैं। उनके कई करीबी सहयोगी पहले ही सरकार से इस्तीफा दे चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कौन हैं मियाट्टा फाहनबुले?

मियाट्टा फाहनबुले पहली बार 2024 में सांसद चुनी गई थीं और उसी साल सरकार में शामिल हुईं। इतनी जल्दी मंत्री पद छोड़ना ब्रिटिश राजनीति में एक बड़ा और साहसिक कदम माना जा रहा है।


राजनीति में आने से पहले वह वामपंथी थिंक टैंक न्यू इकोनॉमिक्स फाउंडेशन की प्रमुख रह चुकी हैं। बाद में उन्हें पूर्व लेबर नेता एड मिलिबैंड के नेतृत्व में मंत्री पद मिला। उन्होंने पहले ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो विभाग में काम किया और बाद में हाउसिंग, कम्युनिटीज और लोकल गवर्नमेंट मंत्रालय में भेजा गया। फाहनबुलेह को एड मिलिबैंड का करीबी सहयोगी माना जाता है। इस्तीफे के साथ उन्होंने कहा कि अब एक नई टीम को वह बदलाव लागू करना चाहिए जिसका वादा जनता से किया गया था।

सरकार की नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल

हालांकि, उन्होंने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल भी उठाए। फाहनबुलेह ने लिखा कि विंटर फ्यूल पेमेंट जैसे फैसलों और दिव्यांग लोगों को मिलने वाली सहायता में कटौती ने जनता का भरोसा कमजोर किया है।



उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि जनता का संदेश साफ था प्रधानमंत्री, आपने लोगों का भरोसा और विश्वास खो दिया है। अपने पत्र के अंत में उन्होंने स्टार्मर से देश और पार्टी के हित में सत्ता परिवर्तन की स्पष्ट समयसीमा घोषित करने की अपील की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed