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डब्ल्यूएचओ की चेतावनी, महामारी का एक नया और खतरनाक चरण आने की उम्मीद
Sat, 20 Jun 2020 08:37 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 20 Jun 2020 08:37 AM IST
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टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को दुनिया को कोरोना वायरस महामारी के एक नए और खतरनाक चरण की चेतावनी दी है। जिसमें लॉकडाउन के लागू होने के बावजूद बीमारी तेजी से फैल रही है। यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है जब पता चला है कि वायरस पिछले साल दिसबंर में इटली में मौजूद था। इसके कई महीनों बाद इसका पहला पुष्ट मामला सामने आया था। ठीक इसी समय चीन में वायरस का पहला मामला दर्ज किया गया था।
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वायरस की वजह से दुनियाभर में 454,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 8.4 मिलियन लोग इसकी चपेट में हैं। यह अब अमेरिका और एशिया के कुछ हिस्सों में तेजी से फैल रहा है। वहीं यूरोप ने प्रतिबंधों में ढील देनी शुरू कर दी है। बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि डब्ल्यूएचओ का कहना है कि महामारी अभी भी एक बड़ा खतरा बनी हुई है।
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डब्ल्यूएचओ के मुखिया टेड्रोस घेब्रेसियस ने आभासी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘दुनिया एक नए और खतरनाक चरण में है। बहुत से लोग घर पर रहने के कारण समझ नहीं रहे हैं लेकिन वायरस अभी भी तेजी से फैल रहा है।’ दुनियाभर के वैज्ञानिक इस वायरस के लिए टीके की खोज करने में लगे हुए हैं। हालांकि अभी उन्हें पूरी तरह से सफलता नहीं मिल पाई है।
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वहीं आईएसएस संस्थान ने कहा कि इटली के शोधकर्ताओं ने सार्स-कोव-2 की खोज पिछले साल के अंत में मिलान और तूरीन में एकत्र अपशिष्ट जल के नमूनों में और जनवरी में बोलोग्ना में की है। जबकि देश में वायरस का पहला मामला फरवरी तक सामने नहीं आया था। आईएसएस का कहना है कि परिणाम इटली में वायरस के प्रसार की शुरुआत को समझने में मदद करते हैं। बता दें कि इटली यूरोप का पहला ऐसा देश था जहां वायरस ने हमला किया था और मार्च की शुरुआत में यहां राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू किया गया था।