{"_id":"5eed44728ebc3e42d83482ae","slug":"corona-patients-will-get-big-relief-cctv-cameras-will-be-installed-in-hospitals-one-person-will-stay-with-the-patient","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत, अस्पतालों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, साथ रहेगा एक व्यक्ति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत, अस्पतालों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, साथ रहेगा एक व्यक्ति
Sat, 20 Jun 2020 04:34 AM IST
श्रीधर मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Sat, 20 Jun 2020 04:34 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश के तमाम कोविड अस्पतालों को कोरोना के मरीज के साथ एक सेवा करने वाले (हेल्पर) को अस्पताल परिसर में रहने की इजाजत देने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने दिल्ली समेत सभी राज्यों को सभी कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा।
विज्ञापन
जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने दिल्ली में मरीजों को हो रही मुसीबत पर स्वत: संज्ञान लिया। पीठ ने कहा, कोरोना मरीज की इच्छा पर अस्पताल प्रशासन को उसके एक तीमारदार को अस्पताल में रहने की इजाजत देनी होगी। हालांकि, तीमारदार को अस्पताल की तरफ से तय किए गए स्थान पर रहना होगा। कोर्ट ने सभी अस्पतालों को एक हेल्प डेस्क बनाने के लिए भी कहा है ताकि लोग मरीजों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके अलावा पीठ ने सभी राज्यों को डॉक्टरों और विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया है, जो कोरोना अस्पताल में मरीजों के इलाज पर नजर रखेगी, अस्पतालों का निरीक्षण करेगी और जरूरी निर्देश देगी। दिल्ली की विशेषज्ञ कमेटी को हफ्ते में कम से कम एक बार अस्पतालों का निरीक्षण करने को कहा है। पीठ ने साथ ही केंद्र सरकार से सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में कोरोना जांच और अन्य सुविधाओं के लिए मुनासिब दर तय करने को कहा। कोर्ट ने गृह मंत्रालय को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत उचित निर्देश जारी कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक समान रूप से संशोधित डिस्चार्ज पॉलिसी अपनाने के लिए कहा है।
विज्ञापन
पीठ ने इस बात पर नाराजगी जताई कि महाराष्ट्र सरकार कोरोना मरीजों या उनके रिश्तेदारों को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट साझा नहीं कर रही है। पीठ ने राज्य सरकार को कोरोना रिपोर्ट देने के लिए कहा है। पीठ ने कहा, हर संगठन, हर व्यक्ति को कमियों, खामियों के बारे में जानने के लिए तैयार होना चाहिए। कमियों और खामियों को जानने के बाद, उपचारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
विज्ञापन