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COVID-19 : डब्ल्यूएचओ ने रेमडेसिवीर को लेकर चेताया, कहा- मरीजों के ठीक होने के सबूत नहीं मिले

Fri, 20 Nov 2020 05:19 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Fri, 20 Nov 2020 05:19 PM IST
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WHO warns against using Remdesivir for COVID-19 treatment No evidence of recovery of corona patients
विश्व स्वास्थ्य संगठन - फोटो : social media

दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिक वैक्सीन विकसित करने में लगे हैं। कई देशों में कोरोना वायरस की वैक्सीन का परीक्षण अंतिम दौर में है। इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को कोरोना वायरस के इलाज के लिए इस्तेमाल की जारी रही एंटी वायरल दवा रेमडेसिवीर को लेकर आगाह किया। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोरोना मरीजों के उपचार के लिए रेमडेसिवीर  का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इससे कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने का कोई सबूत नहीं मिल रहा है।

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डब्ल्यूएचओ गाइडलाइन डेवलपमेंट ग्रुप (जीडीजी) के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने कहा, वर्तमान में मौजूद आंकड़ों से इस बात का कोई सबूत नहीं मिलता है कि रेमडेसिवीर मरीज इस दवा से ठीक हो रहे हैं। ताजा गाइडलाइन्स में कहा गया है कि पैनल को रेमडेसिवीर के इस तरह के कोई सबूत नहीं मिले है, जिससे पता चले कि इस दवा ने मृत्युदर को घटाया हो या फिर इसके इस्तेमाल के बाद मरीजों को मेकैनिकल वेंटिलेशन की जरूरत आदि पड़ी हो। रेमडेसिवीर को सबसे पहले इबोला वायरस के लिए बनाया गया था, लेकिन दवा को ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी।
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इसके बाद, दस दवा को कोरोना वायरस मरीजों पर भी इस्तेमाल किया जाने लगा। कुछ ट्रायल्स में बेहतर परिणाम सामने भी आए। इस वजह से दुनिया भर के कई देशों में कोरोना मरीजों को ठीक किए जाने के लिए रेमडेसिवीर दवा का इस्तेमाल किया जाने लगा। भारत में अभी इसे सिर्फ इमरजेंसी मामलों में ही इस्तेमाल किया जा रहा है और पूरी क्लीयरेंस नहीं मिली है।
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डब्ल्यूएचओ के पिछले महीने के ट्रायल में पता चला कि कोरोना मरीजों पर थोड़ा या बिल्कुल भी दवा का प्रभाव नहीं पड़ा। डब्ल्यूएचओ की ताजा गाइडलाइन्स से फार्मास्युटिकल कंपनी के लिए एक तगड़ा झटका है। डब्ल्यूएचओ के गाइडलाइन डेवलपमेंट ग्रुप पैनल ने कहा कि इसकी सिफारिश एक एविडेंस रिव्यू पर आधारित है, जिसमें 7,000 से अधिक मरीजों के ट्रायल के डाटा शामिल हैं।


हालांकि, अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने रेमडेसिवीर के अस्थायी उपयोग को मंजूरी दी हुई है। शुरुआती रिसर्च में कुछ मरीजों में रिकवरी टाइम को कम करने में मददगार होने की बात सामने आने के बाद रेमडेसिवीर को लेकर यह कदम उठाया गया था।
 

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