{"_id":"686d3ddfe4589e166e01047a","slug":"who-is-nimisha-priya-convicted-for-murder-in-yemen-in-june-2018-local-court-handed-out-death-sentence-to-her-2025-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nimisha Priya: 'फांसी की तारीख पर आधिकारिक जानकारी नहीं', यमन में मौत की सजा पाने वाली भारतीय नर्स का परिवार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Nimisha Priya: 'फांसी की तारीख पर आधिकारिक जानकारी नहीं', यमन में मौत की सजा पाने वाली भारतीय नर्स का परिवार
Tue, 08 Jul 2025 09:18 PM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 08 Jul 2025 09:18 PM IST
सार
प्रिया को 2020 में एक ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। यमन की सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल ने नवंबर 2023 में उस फैसले को बरकरार रखा था, लेकिन ब्लड मनी के जरिए संभावित राहत की गुंजाइश छोड़ दी थी। यानी पीड़ित के परिवार के साथ समझौते के आधार पर उसे राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
केरल के पलक्कड़ की रहने वाली निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को यमन में फांसी दी जा सकती है। पेशे से एक नर्स निमिषा एक यमन नागरिक की हत्या के आरोप में जेल में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में मानवाधिकार कार्यकर्ता सैमुअल जेरोम के हवाले से बताया गया कि जेल अधिकारियों ने निमिषा को फांसी की तारीख के बारे में बता दिया है। इस बीच निमिषा प्रिया के परिवार ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है कि उसे 16 जुलाई को फांसी दी जाएगी। उसके पति टॉमी थॉमस ने पीटीआई को बताया, 'हमें अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हमें इस बारे में केवल समाचार रिपोर्टों के माध्यम से पता चला है।'
विज्ञापन
उन्होंने समाचार रिपोर्टों के बीच समाचार एजेंसी पीटीआई से बात की, जिसमें यमन के अधिकारियों और पीड़ित तलाल अब्दो महदी के परिवार के साथ बातचीत में शामिल एक सामाजिक कार्यकर्ता का हवाला दिया गया। जिन्होंने कहा कि सरकारी अभियोजक ने जेल को आदेश भेजा है और 16 जुलाई को फांसी की सजा तय की गई है। दिहाड़ी मजदूर और ड्राइवर थॉमस को आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटी (सातवीं कक्षा की छात्रा) को छात्रावास में भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। थॉमस ने पहले कहा था कि परिवार पर 60 लाख रुपये का कर्ज है, जो 2015 में यमन में एक क्लिनिक स्थापित करने के लिए लिया गया था। क्लिनिक को 2017 में बंद कर दिया गया था।
विज्ञापन
सरकार मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए
सूत्रों के मुताबिक, जून 2018 में निमिषा प्रिया को यमन में हत्या के अपराध में दोषी ठहराया गया था और स्थानीय अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई थी। हम तब से सरकार मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए है। स्थानीय अधिकारियों और उसके परिवार के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है और हर संभव सहायता प्रदान किया जा रहा है। संबंधित जिम्मेदार लोग मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
कौन हैं निमिषा निमिषा प्रिया?
निमिषा प्रिया नर्सिंग ट्रेनिंग का कोर्स करने के बाद 2011 में यमन चली गई थीं। वह दिहाड़ी मजदूरी करने वाले अपने माता-पिता को अच्छी जिंदगी देना चाहती थीं। इस वजह से ही उन्होंने देश से बाहर जाने का फैसला किया था। उन्होंने यमन के कई अस्पतालों में काम किया। बाद में उन्होंने खुद का क्लिनिक खोलने की तैयारी की। इस दौरान 2014 में वह तलाल अब्दो महदी के संपर्क में आईं। तलाल ने क्लिनिक शुरू करने में निमिषा की मदद का वादा किया।
क्या है मामला?
यमन के कानून के तहत देश के बाहर का कोई भी शख्स देश में किसी स्थानीय व्यक्ति के साथ साझेदारी करने के बाद ही कारोबार कर सकता है। इसलिए निमिषा ने साझेदारी और अन्य शर्तों पर सहमति जताई। निमिषा ने 2015 में महदी के साथ क्लिनिक शुरू किया। हालांकि, धीरे-धीरे उनमें मनमुटाव होने लगे। उन्होंने महदी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। बताया गया कि महदी ने निमिषा का पासपोर्ट भी ले लिया था, ताकि वह यमन छोड़कर न जा सके। निमिषा ने महदी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की। 2016 में महदी को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में वह जेल से बाहर आ गया। 2017 में निमिषा ने एक स्थानीय जेल वार्डन की मदद ली, जिसने महदी को अक्षम करने के लिए सेडेटिव्स के प्रयोग का सुझाव दिया। निमिषा ने अपना पासपोर्ट लेने के लिए उसे सेडेटिव्स का इंजेक्शन लगा दिया, लेकिन ओवरडोज की वजह से उसकी मौत हो गई। फिर निमिषा को गिरफ्तार कर लिया गया और मामले में दोषी ठहराया गया।