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डब्ल्यूएचओ चीफ की चेतावनी, निष्पक्ष हो कोरोना वैक्सीन का वितरण, नैतिक विफलता के कगार पर है दुनिया
Tue, 19 Jan 2021 08:01 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 19 Jan 2021 08:01 AM IST
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टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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दुनिया के कई देशों ने अब कोरोना का टीकाकरण लगाना शुरू करना दिया है, इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने सभी देशों से वैक्सीन के वितरण में निष्पक्षता बरतने की अपील की है। डब्ल्यूएचओ चीफ टेड्रोस ने कहा कि दुनिया इस समय भयावह नैतिक विफलता के कगार पर है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की एग्जीक्यूटिव बोर्ड की वर्चुअल बैठक के दौरान टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने कहा कि मैं स्पष्ट तौर पर यह कहता हूं कि दुनिया भयावह नैतिक विफलता के कगार पर है और इस विफलता की कीमत दुनिया के सबसे गरीब देशों में आजीविका और किसी व्यक्ति के जीवन से चुकानी होगी।
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टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने आगे कहा कि न्यायसंगत तरीके से वैक्सीन को बांटने के वादे में गंभीर जोखिम है। टेड्रोस ने आगे कहा कि 49 ज्यादा आय वाले देशों में 39 मिलियन से भी ज्यादा वैक्सीन की डोसेज को उपलब्ध करा दिया गया है लेकिन एक सबसे कम आय वाले देश में मात्र 25 डोज भेजी गई हैं, ना 25 मिलियन, ना 25 हजार मात्र 25 डोज।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की यह चेतावनी उस समय आई है, जब हर देश को चाहे वो गरीब हो या अमीर कोरोना वैक्सीन की स्पष्ट और न्यायसंगत पहुंच का लाभ देने का वादा किया गया था और इसके लिए नौ महीने पहले एक वैश्विक पहल, कोवाक्स की शुरुआत की गई थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से कोरोना वायरस को रोकने में मदद नहीं मिलेगी लेकिन इससे महामारी की अवधि और बढ़ जाएगी। वैक्सीन का एक समान वितरण मात्र नैतिक तौर पर अनिवार्य नहीं है, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक तौर पर भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
दुनिया में अगर कोरोना वायरस के मामलों की बात करें, तो अब तक दुनियाभर में कोविड-19 के नौ करोड़ से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं तो वहीं 20 लाख से ज्यादा लोगों ने वायरस के आगे अपना दम तोड़ दिया है।