{"_id":"659e70ea4a9a8760b603ee42","slug":"who-board-us-surgeon-general-dr-vivek-murthy-nomination-in-senate-president-joe-biden-2024-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"US: भारतीय मूल के सर्जन जनरल डॉ विवेक मूर्ति WHO बोर्ड में शामिल होंगे, सीनेट में राष्ट्रपति बाइडन का प्रस्ताव","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US: भारतीय मूल के सर्जन जनरल डॉ विवेक मूर्ति WHO बोर्ड में शामिल होंगे, सीनेट में राष्ट्रपति बाइडन का प्रस्ताव
Wed, 10 Jan 2024 03:56 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 10 Jan 2024 03:56 PM IST
सार
भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के बोर्ड में दोबारा शामिल किया जाएगा। यूएस सर्जन जनरल- डॉ विवेक मूर्ति को डब्लूएचओ बोर्ड में शामिल करने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन ने सीनेट में प्रस्ताव भेज दिया है।
विज्ञापन
भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक डॉक्टर विवेक मूर्ति (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook/Vivek Murthy
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत की प्रतिभा एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय मूल के डॉक्टर को अमेरिका का प्रतिनिधि चुना है। बाइडन ने यूएस सर्जन जनरल डॉ विवेक मूर्ति को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के बोर्ड में प्रतिनिधि बनाने का फैसला लिया है। उन्होंने इस संबंध में प्रस्ताव यूएस सीनेट में भेजा है। बता दें कि डॉ विवेक दूसरी बार अमेरिका के प्रतिनिधि बनकर डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी बोर्ड में शामिल होंगे।
सीनेट में अक्तूबर, 2022 से लंबित है प्रस्ताव
46 साल के चिकित्सक डॉ विवेक मूर्ति का नाम दोबारा भेजा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके नाम पर आम सहमति का इंतजार बीते लगभग 14 महीने से हो रहा है। डब्ल्यूएचओ बोर्ड में डॉ विवेक के शामिल होने का प्रस्ताव अक्तूबर 2022 से ही सीनेट में लंबित है। व्हाइट हाउस ने बताया कि डॉ मूर्ति भारतीय मूल के पहले अमेरिकी सर्जन जनरल हैं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।
ओबामा के कार्यकाल में भी सेवाएं दीं, एक बार फिर भेजा गया प्रस्ताव
मार्च 2021 में अमेरिकी सीनेट ने देश के 21वें सर्जन जनरल के रूप में डॉ विवेक के नाम को मंजूरी दी थी। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में भी अमेरिका के 19वें सर्जन जनरल के रूप में सेवाएं दी थीं। खबरों के मुताबिक आठ जनवरी को व्हाइट हाउस की तरफ से सीनेट में प्रस्ताव भेजा गया। इसमें डॉ विवेक के नाम का उल्लेख है।
विज्ञापन
कर्नाटक से जुड़े हैं डॉ विवेक, तीन साल क आयु में पहुंचे अमेरिका
मूर्ति की जड़ें कर्नाटक में रहने वाले पूर्वजों से जुड़ी हैं। कर्नाटक से इंग्लैंड जाकर बसे प्रवासियों की संतान डॉ मूर्ति का जन्म यॉर्कशायर के हडर्सफ़ील्ड में हुआ था। करीब 45 साल पहले मूर्ति का परिवार कनाडा के प्रांत न्यूफ़ाउंडलैंड चला गया। 1978 में यहां आने के बाद मूर्ति के पिता को जिला चिकित्सा अधिकारी का पद मिला। केवल तीन साल की आयु में मूर्ति पहली बार अमेरिका आए, जब परिवार मियामी आकर रहने लगा।
डॉक्टर के अलावा और भी रूपों में हैं लोकप्रिय
मियामी में पले-बढ़े डॉ विवेक ने डॉक्टरी की पढ़ाई येल स्कूल ऑफ मेडिसिन से जबकि प्रबंधन की पढ़ाई येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से की। डॉक्टर के अलावा उनकी पहचान शोध करने वाले वैज्ञानिक, उद्यमी और लेखक के रूप में भी है।
डॉ विवेक की टीम में 6000 से अधिक स्वास्थ्य अधिकारी
फिलहाल, डॉ विवेक मूर्ति अपनी पत्नी डॉ. एलिस चेन और अपने दो बच्चों के साथ वॉशिंगटन में रहते हैं। अमेरिका में सबसे वंचित और कमजोर आबादी की सेवा के लिए नियुक्त 6000 से अधिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विवेक के अधीन आते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि डॉ विवेक अमेरिका की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा- यूएस पब्लिक हेल्थ सर्विस के कमीशन्ड कोर में वाइस एडमिरल का पदभार भी संभालते हैं।
कौन होते हैं यूएस सर्जन जनरल?
अमेरिकी सर्जन जनरल को देश का शीर्ष चिकित्सक माना जाता है। इस पग पर नियुक्त होने वाले डॉक्टर की ड्यूटी वैज्ञानिक सूचना पर आधारित देश के लिए सर्वोत्तम स्वास्थ्य नीति तैयार करना है। इसके अलावा न्यायसंगत मार्गदर्शन और संसाधनों के समुचित इस्तेमाल की जवाबदेही भी सर्जन जनरल की होती है।
विज्ञापन
सीनेट में अक्तूबर, 2022 से लंबित है प्रस्ताव
46 साल के चिकित्सक डॉ विवेक मूर्ति का नाम दोबारा भेजा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके नाम पर आम सहमति का इंतजार बीते लगभग 14 महीने से हो रहा है। डब्ल्यूएचओ बोर्ड में डॉ विवेक के शामिल होने का प्रस्ताव अक्तूबर 2022 से ही सीनेट में लंबित है। व्हाइट हाउस ने बताया कि डॉ मूर्ति भारतीय मूल के पहले अमेरिकी सर्जन जनरल हैं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।
विज्ञापन
ओबामा के कार्यकाल में भी सेवाएं दीं, एक बार फिर भेजा गया प्रस्ताव
मार्च 2021 में अमेरिकी सीनेट ने देश के 21वें सर्जन जनरल के रूप में डॉ विवेक के नाम को मंजूरी दी थी। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में भी अमेरिका के 19वें सर्जन जनरल के रूप में सेवाएं दी थीं। खबरों के मुताबिक आठ जनवरी को व्हाइट हाउस की तरफ से सीनेट में प्रस्ताव भेजा गया। इसमें डॉ विवेक के नाम का उल्लेख है।
विज्ञापन
कर्नाटक से जुड़े हैं डॉ विवेक, तीन साल क आयु में पहुंचे अमेरिका
मूर्ति की जड़ें कर्नाटक में रहने वाले पूर्वजों से जुड़ी हैं। कर्नाटक से इंग्लैंड जाकर बसे प्रवासियों की संतान डॉ मूर्ति का जन्म यॉर्कशायर के हडर्सफ़ील्ड में हुआ था। करीब 45 साल पहले मूर्ति का परिवार कनाडा के प्रांत न्यूफ़ाउंडलैंड चला गया। 1978 में यहां आने के बाद मूर्ति के पिता को जिला चिकित्सा अधिकारी का पद मिला। केवल तीन साल की आयु में मूर्ति पहली बार अमेरिका आए, जब परिवार मियामी आकर रहने लगा।
डॉक्टर के अलावा और भी रूपों में हैं लोकप्रिय
मियामी में पले-बढ़े डॉ विवेक ने डॉक्टरी की पढ़ाई येल स्कूल ऑफ मेडिसिन से जबकि प्रबंधन की पढ़ाई येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से की। डॉक्टर के अलावा उनकी पहचान शोध करने वाले वैज्ञानिक, उद्यमी और लेखक के रूप में भी है।
डॉ विवेक की टीम में 6000 से अधिक स्वास्थ्य अधिकारी
फिलहाल, डॉ विवेक मूर्ति अपनी पत्नी डॉ. एलिस चेन और अपने दो बच्चों के साथ वॉशिंगटन में रहते हैं। अमेरिका में सबसे वंचित और कमजोर आबादी की सेवा के लिए नियुक्त 6000 से अधिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विवेक के अधीन आते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि डॉ विवेक अमेरिका की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा- यूएस पब्लिक हेल्थ सर्विस के कमीशन्ड कोर में वाइस एडमिरल का पदभार भी संभालते हैं।
कौन होते हैं यूएस सर्जन जनरल?
अमेरिकी सर्जन जनरल को देश का शीर्ष चिकित्सक माना जाता है। इस पग पर नियुक्त होने वाले डॉक्टर की ड्यूटी वैज्ञानिक सूचना पर आधारित देश के लिए सर्वोत्तम स्वास्थ्य नीति तैयार करना है। इसके अलावा न्यायसंगत मार्गदर्शन और संसाधनों के समुचित इस्तेमाल की जवाबदेही भी सर्जन जनरल की होती है।