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Strait of Hormuz: अमेरिकी नाकेबंदी के बाद से होर्मुज में कैसे हैं हालात? सेंटकॉम बोला- 21 जहाज ईरान वापस लौटे
Sat, 18 Apr 2026 10:31 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Sat, 18 Apr 2026 10:31 AM IST
सार
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी कर दी है, जिससे अब तक 21 जहाजों को वापस लौटना पड़ा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह पाबंदी ईरान के साथ पूर्ण समझौता होने तक जारी रहेगी। वहीं ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
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होर्मुज समुद्री मार्ग
- फोटो : @अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों को कम करने के प्रयासों के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शनिवार को बताया कि जब से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी शुरू की है, तब से 21 जहाजों को वापस ईरान लौटने के लिए मजबूर किया गया है। अमेरिका ने यह कदम क्षेत्र में जारी संघर्षों का पूर्ण समाधान निकालने और कूटनीतिक दबाव बनाने के लिए उठाया है।
अब तक 21 जहाज हुए वापस
अमेरिकी नौसेना का मिसाइल विध्वंसक जहाज 'यूएसएस माइकल मर्फी' इस समय अरब सागर में गश्त कर रहा है। यह जहाज उन सभी जहाजों पर नजर रख रहा है जो ईरानी बंदरगाहों में आने या वहां से बाहर जाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका के मुताबिक, अब तक 21 जहाजों ने अमेरिकी सेना के निर्देशों को पालन करते हुए वापस ईरान लौटने का फैसला किया है।
ट्रंप ने क्या कहा?
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने ईरान से जुड़ी समुद्री गतिविधियों को रोकने के लिए अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के बंदरगाहों की यह घेराबंदी तब तक पूरी तरह लागू रहेगी, जब तक कि ईरान के साथ कोई ठोस और 100 प्रतिशत समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया बहुत तेजी से पूरी होनी चाहिए।
ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में फिर शुरू होगी जंग?: 14 दिन के युद्धविराम पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- शायद आगे नहीं बढ़ाऊंगा
क्या बोला ईरान?
ट्रंप के इस बयान पर ईरान की संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबाफ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली समुद्री आवाजाही पर पूरी तरह से तेहरान का नियंत्रण रहेगा। गालिबाफ के अनुसार, जहाजों को केवल ईरान के तय रास्तों से ही गुजरने की अनुमति मिलेगी और इसके लिए ईरान की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
ईरान ने हाल ही में इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को फिर से खोलने का एलान किया था। ईरान का यह फैसला इस्राइल और लेबनान के बीच चल रहे 10 दिनों के संघर्ष-विराम से जुड़ा है। हालांकि, व्यापारिक जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति मिल गई है, लेकिन वाशिंगटन ने साफ कर दिया है कि वह ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव कम नहीं करेगा।
अन्य वीडियो-
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अब तक 21 जहाज हुए वापस
अमेरिकी नौसेना का मिसाइल विध्वंसक जहाज 'यूएसएस माइकल मर्फी' इस समय अरब सागर में गश्त कर रहा है। यह जहाज उन सभी जहाजों पर नजर रख रहा है जो ईरानी बंदरगाहों में आने या वहां से बाहर जाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका के मुताबिक, अब तक 21 जहाजों ने अमेरिकी सेना के निर्देशों को पालन करते हुए वापस ईरान लौटने का फैसला किया है।
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Guided-missile destroyer USS Michael Murphy (DDG 112) patrols the Arabian Sea, April 17, as U.S. forces enforce the naval blockade on ships attempting to enter or exit Iranian ports. Since commencement of the blockade, 21 ships have complied with direction from U.S. forces to… pic.twitter.com/2Ro1lq6ORq
विज्ञापन विज्ञापन— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 18, 2026
ट्रंप ने क्या कहा?
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने ईरान से जुड़ी समुद्री गतिविधियों को रोकने के लिए अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के बंदरगाहों की यह घेराबंदी तब तक पूरी तरह लागू रहेगी, जब तक कि ईरान के साथ कोई ठोस और 100 प्रतिशत समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया बहुत तेजी से पूरी होनी चाहिए।
ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में फिर शुरू होगी जंग?: 14 दिन के युद्धविराम पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- शायद आगे नहीं बढ़ाऊंगा
क्या बोला ईरान?
ट्रंप के इस बयान पर ईरान की संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबाफ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली समुद्री आवाजाही पर पूरी तरह से तेहरान का नियंत्रण रहेगा। गालिबाफ के अनुसार, जहाजों को केवल ईरान के तय रास्तों से ही गुजरने की अनुमति मिलेगी और इसके लिए ईरान की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
ईरान ने हाल ही में इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को फिर से खोलने का एलान किया था। ईरान का यह फैसला इस्राइल और लेबनान के बीच चल रहे 10 दिनों के संघर्ष-विराम से जुड़ा है। हालांकि, व्यापारिक जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति मिल गई है, लेकिन वाशिंगटन ने साफ कर दिया है कि वह ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव कम नहीं करेगा।
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