Vladimir Putin illness: पुतिन की बीमारी एक अफवाह है या कुछ दम है इन खबरों में!
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक इंटरव्यू में कहा- ‘राष्ट्रपति पुतिन रोज सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं। आप उन्हें स्क्रीन पर देख सकते हैं, उनकी कही बातों को पढ़ सकते हैं, या उन्हें बोलते हुए सुन सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई सही दिमाग वाले व्यक्ति को उनमें किसी बीमारी या खराब सेहत का कोई लक्षण नजर आएगा।’
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क्या रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर अफवाह है? पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में पुतिन की सेहत को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। कई स्रोतों से आई खबरों में संदेह जताया गया है कि पुतिन कैंसर या पार्किंसन डिजीज से पीड़ित हैं और उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है।
बीते अप्रैल में ऐसी खबरों का छपना तेज हो गया। तब कुछ ऐसे फोटोग्राफ सामने आए, जिनमें पुतिन अपने सहयोगियों के साथ बैठक के दौरान टेबल पकड़ कर बैठे नजर आ रहे थे। रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगुन के साथ उनकी एक बैठक की जो तस्वीर चर्चित हुई, जिसको लेकर अनुमान लगाया गया कि पुतिन के चेहरे पर पीड़ा के लक्षण थे। इसके पहले मार्च में पूर्व ब्रिटिश विदेश मंत्री लॉर्ड ऑवेन ने कहा था कि पुतिन के चेहरे पर साफ तौर पर (बीमारी के इलाज के लिए दिए गए) स्टीरॉयड के लक्षण दिख रहे हैं।
सर्गेई ने दिया इंटरव्यू
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अब जबकि यूक्रेन के साथ रूस का युद्ध अपने चौथे महीने में है, पुतिन की सेहत के बारे में कुछ भी ठोस रूप से कह पाना कठिन हो गया है। मुमकिन है कि वे बीमार हों, लेकिन यह भी संभव है कि पश्चिमी देशों में इस बारे में अपनी इच्छा के मुताबिक कयास लगाए गए हों।
बीते रविवार को फ्रांस के एक टीवी चैनल को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक इंटरव्यू दिया। इस दौरान पुतिन की सेहत के बारे में सवाल पूछा गया। उस पर लावरोव ने कहा- ‘राष्ट्रपति पुतिन रोज सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं। आप उन्हें स्क्रीन पर देख सकते हैं, उनकी कही बातों को पढ़ सकते हैं, या उन्हें बोलते हुए सुन सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई सही दिमाग वाले व्यक्ति को उनमें किसी बीमारी या खराब सेहत का कोई लक्षण नजर आएगा।’ उन्होंने कहा- राष्ट्रपति पुतिन के खराब स्वास्थ्य की बात सिर्फ उन लोगों के मन में है, जो अफवाहें फैलाते हैं।
इसके बाद सोमवार को पुतिन ने टर्की के राष्ट्रपति रजिब तैयिब आर्दोआन से फोन पर बातचीत की। उसके बाद उन्होंने रूस की सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। चूंकि पुतिन अभी भी कोरोना वायरस से बचने के उपायों का पालन करते हैं, इसलिए इस बैठक की अध्यक्षता उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से की।
कोई बता रहा पार्किंसन तो कोई थायरॉयड कैंसर
पिछले हफ्ते यूक्रेनी सेना के खुफिया विभाग के प्रमुख काइरिलो बुदानोव ने कहा था कि उनकी राय में पुतिन गंभीर रूप से बीमार हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल में पुतिन का तख्ता पलटने की नाकाम कोशिश भी हुई। उन्होंने कहा- ‘उन्हें कई गंभीर बीमारियां हैं, जिनमें एक कैंसर है। लेकिन यह उम्मीद करना ठीक नहीं है कि वे कल मर जाने वाले हैं।’
कुछ समय पहले एक पूर्व रूसी जासूस के हवाले से दावा किया था कि पुतिन को पार्किंसन डिजीज है। उसके बाद न्यू लाइंस नाम की एक पत्रिका ने कहा कि उन्हें रक्त कैंसर है। प्रोएक्त नाम की एक वेबसाइट ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि पुतिन को संभवतः थायरॉयड कैंसर या कोई दूसरी बीमारी है। लेकिन क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय) ने इन तमाम कयासों का खंडन किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ऐसी खबरों को ‘मनगढंत और झूठ’ बता चुके हैं।