BRICS: पीएम की यात्रा पर बोले राजदूत विनय कुमार- पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी होगी, अर्थ जगत को भी उम्मीदें
BRICS: पीएम मोदी मंगलवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूस के दो दिवसिय दौरे पर रवाना होंगे। जिसको लेकर रूस में भारतीय राजदूत विनय कुमार ने कहा कि भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और ब्रिक्स के ढांचे के भीतर आर्थिक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
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#WATCH | Kazan, Russia: On PM Narendra Modi's upcoming visit to Russia, India's Ambassador to Russia Vinay Kumar says, "India is a founding member of BRICS and is committed to economic cooperation within the framework of BRICS. In these years, there are growing interest in the… pic.twitter.com/HOtyKj6F4z
— ANI (@ANI) October 21, 2024विज्ञापन
राजदूत विनय कुमार का बयान
पीएम मोदी के आगामी रूस यात्रा को लेकर राजदूत विनय कुमार ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन जिस मुख्य मुद्दे से निपट रहा है। जिसमें मुख्य रूप से आर्थिक सहयोग का और विस्तार, राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार निपटान, जलवायु परिवर्तन की समस्याओं का समाधान करना, समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के डिजिटल समावेशन के साथ-साथ वित्तीय समावेशन की दिशा में काम करना है। उन्होने कहा कि इसके साथ ही उन्होंने लक्ष्य के बारे में बताया कि ब्रिक्स में साथी सदस्यों के साथ भारत की कुछ उपलब्धियों को साझा करना महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास, DPI या UPI को कैसे अधिक व्यापक रूप से स्वीकार्य बनाया जाए।
#WATCH | Kazan, Russia: On PM Narendra Modi's upcoming visit to Russia, India's Ambassador to Russia Vinay Kumar says, "Prime Minister's main engagement is participation in the BRICS summit. Other than that he would have some bilateral meetings also on the sidelines of the… pic.twitter.com/7h3CqmMFDl
— ANI (@ANI) October 21, 2024
रूस के साथ व्यपारिक संबंध पर नजर
राजदूत विनय कुमार ने कहा जुलाई में प्रधानमंत्री की मॉस्को यात्रा के बाद से जब दोनों नेताओं ने 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि हम उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गतिविधियों और योजनाओं को ठोस बनाने के लिए काम कर रहे हैं। इस अवधि में कई संयुक्त कार्य समूहों ने अपनी बैठकें की हैं और अंतर-सरकारी आयोग की अगली बैठक नवंबर में निर्धारित है। जहां दोनों सह-अध्यक्षों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नए लक्ष्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी ओर से, यह विदेश मंत्री होंगे। रूसी पक्ष से, यह प्रथम उप प्रधान मंत्री डेनिस मंटुरोव होंगे। भारत और एशिया के बीच समग्र द्विपक्षीय संबंधों का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा सांस्कृतिक सहयोग, लोगों से लोगों का सहयोग है और इसमें, भारतीय अध्ययन, भारतीय संस्कृति, भारतीय फिल्मों में रूस की जबरदस्त रुचि है।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
वहीं पीएम मोदी के रूस दौरे को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में संगठन द्वारा की गई पहलों की तरक्की की समीक्षा का एक मौका मिलेगा। इसके साथ ही भविष्य में साथ मिलकर काम करने के लिए क्षेत्रों को चिह्नित करने का भी अवसर मिलेगा।
बता दें कि इस सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोवान और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकीयान भी भाग लेंगे।