{"_id":"61e6e2c628a1d772431f5b44","slug":"vaccines-must-be-central-strategy-to-fight-covid-19-pandemic-rich-nations-should-look-for-equitable-distribution-says-who-official-news-and-updates","type":"story","status":"publish","title_hn":"WHO की सलाह: कोरोना से लड़ने में टीकाकरण को केंद्रीय नीति बनाएं देश, सभी देशों को बराबरी से मुहैया कराएं वैक्सीन","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
WHO की सलाह: कोरोना से लड़ने में टीकाकरण को केंद्रीय नीति बनाएं देश, सभी देशों को बराबरी से मुहैया कराएं वैक्सीन
Tue, 18 Jan 2022 09:24 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दावोस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दावोस
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 18 Jan 2022 09:24 PM IST
सार
डब्ल्यूएचओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "अमीर देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां कुछ देश अपने नागरिकों को दूसरी बूस्टर डोज (कोरोना टीके की चौथी डोज) लगाने की योजना बना रहे हैं, वहीं अफ्रीका के कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां लोग अपनी पहली वैक्सीन के इंतजार में हैं।"
विज्ञापन
विश्व स्वास्थ्य संगठन
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोनावायरस महामारी का असर पूरी दुनिया पर बरकरार है। ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से फिलहाल पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना की एक और लहर का सामना कर रही है। इसका सबसे बुरा प्रभाव गरीब देशों पर पड़ा है। खासकर उन देशों पर जहां वैक्सीन अब तक ठीक ढंग से मुहैया नहीं कराई जा सकी है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैक्सीन जुटाकर रखने वाले देशों को सलाह दी है कि वे टीकों को गरीब देशों में भी बराबरी से बांटें।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) द्वारा आयोजित दावोस समिट में डब्ल्यूएचओ के आपात कार्यक्रमों के कार्यकारी निदेशक माइकल रायन ने कहा कि इस वक्त कोरोना से लड़ने के लिए टीकाकरण ही केंद्रीय नीति होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने अमीर देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां कुछ देश अपने नागरिकों को दूसरी बूस्टर डोज (कोरोना टीके की चौथी डोज) लगाने की योजना बना रहे हैं, वहीं अफ्रीका के कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां लोग अपनी पहली वैक्सीन के इंतजार में हैं।
माइकल रयान ने शिखर सम्मेलन में कहा कि करने की जरूरत यह है कि पूरी दुनिया की आबादी का अधिकतम टीकाकरण करके यह सुनिश्चित किया जाए कि महामारी के मामले वास्तव में निम्न स्तर के हो जाएं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे विचार में यह सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल का अंत होगा और यह इस महामारी का अंत होगा।’’ उन्होंने कहा कि इस वर्ष ही इस लक्ष्य को प्राप्त करने का एक मौका है। इसी सत्र में ऑक्सफैम इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक गैब्रिएल बुचर ने कहा, ‘‘महामारी को समाप्त करना संभव है, अगर हम समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए मॉडल में वास्तव में आमूलचूल परिवर्तन करें।’’
विज्ञापन
अदार पूनावाला बोले- शायद साल के अंत तक खत्म हो महमारी
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदार पूनावाला से जब पूछा गया कि क्या कोरोना महामारी का अंत हो सकता है, तो उन्होंने कहा, "महामारी की परिभाषा हर दिन विकसित हो रही है। मैं कोई विशेषज्ञ नहीं हूं, लेकिन एक बिंदु होगा जब हम टीकाकरण के एक निश्चित स्तर तक पहुंच जाएंगे। उम्मीद है कि ऐसा इस साल के अंत तक होगा, जब सभी को टीके की दो या तीन खुराक दे दी जाएंगी, तब शायद हम ऐसा कह सकते हैं। यह इस पर निर्भर करेगा किस प्रकार के नए स्वरूप सामने आते हैं और अस्पताल में भर्ती होने का स्तर नियंत्रण में रहता है।’’
कोरोनावायरस से अब तक 55 लाख से ज्यादा मौतें
पहली बार 2019 के अंत में चीन के वुहान में सामने आए इस वायरस का दुनिया भर में प्रसार हुआ और इसके विश्व स्तर पर 33 करोड़ से अधिक मामले सामने आए हैं और इससे अब तक 55.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ ने 30 जनवरी, 2020 को इसके प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' और 11 मार्च, 2020 को इसे एक महामारी घोषित किया था।
विज्ञापन
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) द्वारा आयोजित दावोस समिट में डब्ल्यूएचओ के आपात कार्यक्रमों के कार्यकारी निदेशक माइकल रायन ने कहा कि इस वक्त कोरोना से लड़ने के लिए टीकाकरण ही केंद्रीय नीति होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने अमीर देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां कुछ देश अपने नागरिकों को दूसरी बूस्टर डोज (कोरोना टीके की चौथी डोज) लगाने की योजना बना रहे हैं, वहीं अफ्रीका के कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां लोग अपनी पहली वैक्सीन के इंतजार में हैं।
विज्ञापन
माइकल रयान ने शिखर सम्मेलन में कहा कि करने की जरूरत यह है कि पूरी दुनिया की आबादी का अधिकतम टीकाकरण करके यह सुनिश्चित किया जाए कि महामारी के मामले वास्तव में निम्न स्तर के हो जाएं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे विचार में यह सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल का अंत होगा और यह इस महामारी का अंत होगा।’’ उन्होंने कहा कि इस वर्ष ही इस लक्ष्य को प्राप्त करने का एक मौका है। इसी सत्र में ऑक्सफैम इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक गैब्रिएल बुचर ने कहा, ‘‘महामारी को समाप्त करना संभव है, अगर हम समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए मॉडल में वास्तव में आमूलचूल परिवर्तन करें।’’
विज्ञापन
अदार पूनावाला बोले- शायद साल के अंत तक खत्म हो महमारी
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदार पूनावाला से जब पूछा गया कि क्या कोरोना महामारी का अंत हो सकता है, तो उन्होंने कहा, "महामारी की परिभाषा हर दिन विकसित हो रही है। मैं कोई विशेषज्ञ नहीं हूं, लेकिन एक बिंदु होगा जब हम टीकाकरण के एक निश्चित स्तर तक पहुंच जाएंगे। उम्मीद है कि ऐसा इस साल के अंत तक होगा, जब सभी को टीके की दो या तीन खुराक दे दी जाएंगी, तब शायद हम ऐसा कह सकते हैं। यह इस पर निर्भर करेगा किस प्रकार के नए स्वरूप सामने आते हैं और अस्पताल में भर्ती होने का स्तर नियंत्रण में रहता है।’’
कोरोनावायरस से अब तक 55 लाख से ज्यादा मौतें
पहली बार 2019 के अंत में चीन के वुहान में सामने आए इस वायरस का दुनिया भर में प्रसार हुआ और इसके विश्व स्तर पर 33 करोड़ से अधिक मामले सामने आए हैं और इससे अब तक 55.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ ने 30 जनवरी, 2020 को इसके प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' और 11 मार्च, 2020 को इसे एक महामारी घोषित किया था।