फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US Withdraws from European Anti-Corruption Watchdog GRECO Under Trump Administration

ट्रंप प्रशासन का फैसला: यूरोप के भ्रष्टाचार रोधी संगठन GRECO से अमेरिका बाहर, रूस-बेलारूस समेत कितने देश अलग?

Wed, 30 Sep 2026 07:41 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 30 Sep 2026 07:41 AM IST
सार

अमेरिका ने ट्रंप प्रशासन के तहत यूरोप के भ्रष्टाचार रोधी संगठन GRECO से बाहर निकलने का फैसला किया है। अमेरिका 2000 से इसका सदस्य था। रूस और बेलारूस के बाद वह संगठन छोड़ने वाला तीसरा देश बन गया है। आखिर क्यों लिया गया यह फैसला? आइए, जानते हैं...

विज्ञापन
US Withdraws from European Anti-Corruption Watchdog GRECO Under Trump Administration
ट्रंप प्रशासन का फैसला - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने यूरोप के प्रमुख भ्रष्टाचार रोधी निगरानी समूह GRECO से अमेरिका को बाहर कर लिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिकी प्रशासन कई अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय संस्थाओं से दूरी बढ़ाने की नीति पर आगे बढ़ रहा है।

विज्ञापन


GRECO यानी ग्रुप ऑफ स्टेट्स अगेंस्ट करप्शन काउंसिल ऑफ यूरोप का भ्रष्टाचार रोधी संगठन है। काउंसिल ऑफ यूरोप के मुताबिक, अमेरिका ने औपचारिक रूप से उसे GRECO से बाहर निकलने की सूचना दे दी है। अमेरिका 2000 से इस संगठन का सदस्य था।
विज्ञापन


अमेरिका ने क्यों छोड़ा GRECO?
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अपने निर्धारित अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़ रही हैं, पर्याप्त प्रभावी नहीं हैं या अमेरिकी नीतियों के अनुरूप खुद को नहीं ढाल रही हैं। GRECO से बाहर निकलना इसी व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, GRECO से बाहर निकलने की औपचारिक सूचना सोमवार को दी गई। अधिकारी ने सार्वजनिक घोषणा से पहले फैसले की पुष्टि की।

GRECO ने क्या कहा?
काउंसिल ऑफ यूरोप ने अमेरिका के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका 2000 से GRECO के काम में शामिल रहा है और भ्रष्टाचार रोकने तथा उससे निपटने के लिए अनुभव और अच्छी प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान में उसका योगदान रहा है। संगठन ने भविष्य में अमेरिका के साथ दोबारा सहयोग की संभावना भी खुली रखी है।

GRECO की स्थापना 1999 में काउंसिल ऑफ यूरोप ने भ्रष्टाचार रोधी मानकों के पालन की निगरानी के लिए की थी। इसकी सदस्यता केवल यूरोपीय संघ के देशों तक सीमित नहीं है।

अमेरिका से पहले कौन-कौन बाहर हुआ?
अमेरिका GRECO छोड़ने वाला तीसरा देश है। इससे पहले रूस और बेलारूस इस संगठन से बाहर हो चुके हैं। अमेरिका की सदस्यता के दौरान GRECO ने देश में भ्रष्टाचार रोकने से जुड़े मानकों और प्रक्रियाओं का मूल्यांकन किया था। काउंसिल ऑफ यूरोप की वेबसाइट पर अमेरिका से जुड़े GRECO मूल्यांकन दस्तावेज भी उपलब्ध हैं।

दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी दूरी
GRECO से बाहर निकलने का फैसला अमेरिकी प्रशासन के अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से दूरी बनाने के दूसरे कदमों के बीच आया है। इससे पहले अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) से बाहर निकल चुका है।

जनवरी 2026 में अमेरिका ने काउंसिल ऑफ यूरोप की वेनिस आयोग से भी बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू की थी। यह संस्था संवैधानिक कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मामलों पर सलाह देती है।

चुनावों की निगरानी से भी दूरी
यह फैसला ऐसे समय आया है जब यूरोप में सुरक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सहयोग को लेकर अमेरिका के रुख में भी बदलाव देखा जा रहा है। एक सप्ताह पहले यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (OSCE) ने कहा था कि अमेरिका ने नवंबर में होने वाले अपने कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों की निगरानी के लिए उसके सदस्यों को आमंत्रित नहीं किया है।


अमेरिका का GRECO से बाहर होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संगठन भ्रष्टाचार रोकने, पारदर्शिता और कानून के शासन से जुड़े मानकों की समीक्षा करता है। हालांकि, काउंसिल ऑफ यूरोप ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अमेरिका के साथ सहयोग की संभावना बनी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed