{"_id":"6abcfd9e494381d32b05a9a6","slug":"west-asia-conflict-iran-receives-us-response-war-ending-mediation-proposal-hormuz-strait-trump-disagreement-2026-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"खत्म होगा प. एशिया संघर्ष?: ट्रंप जता चुके हैं असहमति, फिर भी जारी मध्यस्थता की कोशिश; ईरान ने दिए ये संकेत","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
खत्म होगा प. एशिया संघर्ष?: ट्रंप जता चुके हैं असहमति, फिर भी जारी मध्यस्थता की कोशिश; ईरान ने दिए ये संकेत
Wed, 30 Sep 2026 05:46 PM IST
देवेश त्रिपाठी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Wed, 30 Sep 2026 05:46 PM IST
सार
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, तेहरान को युद्ध समाप्त करने के अपने ताजा प्रस्ताव पर अमेरिका का आधिकारिक जवाब मिल गया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यह जवाब राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के सामने रखा। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के बदले अमेरिकी नाकाबंदी हटाने, जमी हुई संपत्तियां जारी करने और तेल प्रतिबंधों में राहत जैसी शर्तें रखी थीं।
विज्ञापन
पश्चिम एशिया संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ईरानी अधिकारियों ने बुधवार को संकेत दिया कि उन्हें युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की ओर से दिए गए ताजा प्रस्ताव पर अमेरिका का आधिकारिक जवाब मिल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही ईरान के इस प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया था।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि अमेरिका के जवाब में क्या कहा गया है और यह प्रस्ताव को स्वीकार करने वाला है या उसे खारिज किया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कैबिनेट बैठक के दौरान अमेरिकी जवाब राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के सामने रखा। सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहाजेरानी ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए को इसकी जानकारी दी। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा, "हम समझौते को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और ईरानी जनता के अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे। अब समझौता ऐसी रणनीति पर आधारित होना चाहिए, जिसमें दोनों पक्षों की जीत हो।"
न्यूयॉर्क से लौटने के बाद कैबिनेट बैठक
कैबिनेट की यह बैठक अब्बास अराघची के न्यूयॉर्क से ईरान लौटने के बाद हुई। अराघची पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने न्यूयॉर्क गए थे। वहां ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत की थी। इसके अलावा विश्व नेताओं की वार्षिक बैठक के दौरान कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों से भी मुलाकात की गई थी।
विज्ञापन
अराघची ने कैबिनेट को अपनी न्यूयॉर्क यात्रा और वहां हुई बैठकों के बारे में जानकारी दी। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़ी ईरान की शर्तें भी शामिल थीं। मोहाजेरानी के अनुसार, ये शर्तें मध्यस्थों के जरिए संबंधित पक्षों तक पहुंचाई गई थीं।
ईरान ने रखा था क्या प्रस्ताव?
अराघची ने पिछले सप्ताह कहा था कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने, ईरान की जमी हुई संपत्तियां जारी करने और ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंध हटाने सहित अन्य शर्तों पर सहमत होता है तो ईरान एक सप्ताह के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का प्रस्ताव दे रहा है।
ट्रंप ने प्रस्ताव को क्यों बताया था अस्वीकार्य?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरान समझौता करना चाहता है क्योंकि वह "बहुत बुरी तरह हार रहा है", लेकिन उसका प्रस्ताव "स्वीकार्य नहीं होगा।"
ट्रंप की सार्वजनिक असहमति के बावजूद मध्यस्थ ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए समझौता कराने की कोशिश जारी रखे हुए हैं। यह जानकारी ऐसे अधिकारियों ने दी, जिन्हें सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति नहीं थी और जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बात की।
अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए
इस बीच ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव की कार्रवाई जारी रखे हुए है। दोनों देशों के बीच समझौते की संभावनाएं फिलहाल अनिश्चित बनी हुई हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को दुनिया भर के उन लोगों और कंपनियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की, जिन पर ईरान की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला के लिए वित्तीय मदद या सुविधा देने का आरोप लगाया गया है।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई उसके "ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट" अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ईरान की सरकार के लिए मौजूद "महत्वपूर्ण वित्तीय जीवनरेखाओं" को काटना है। ईरान, हांगकांग और पाकिस्तान में स्थित 10 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन पर ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियार और हथियारों के कलपुर्जे हासिल करने का आरोप है।
युद्ध के बीच ईरानी अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव
युद्ध शुरू होने से पहले ही ईरान की अर्थव्यवस्था भारी दबाव में थी। संघर्ष शुरू होने के बाद से उसकी स्थिति लगातार खराब हुई है। मंगलवार को ईरानी मुद्रा रियाल डॉलर के मुकाबले एक नए निचले स्तर पर पहुंच गई। तेहरान में कारोबारियों ने एक अमेरिकी डॉलर के लिए 25 लाख से अधिक रियाल की दर पर कारोबार किया। यह स्थिति युद्ध के कारण ईरानी अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है।
2 सितंबर को रियाल 22 लाख प्रति डॉलर के पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद महज 27 दिनों में मुद्रा ने नया रिकॉर्ड निचला स्तर दर्ज किया। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान "बहुत बुरी तरह, बहुत बुरी तरह विफल हो रहा है"। उन्होंने एक बार फिर कहा कि युद्ध "बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।" संघर्ष की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि युद्ध कुछ ही सप्ताह चलेगा। बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह युद्ध अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव के बाद ही खत्म होगा।
विज्ञापन
हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि अमेरिका के जवाब में क्या कहा गया है और यह प्रस्ताव को स्वीकार करने वाला है या उसे खारिज किया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कैबिनेट बैठक के दौरान अमेरिकी जवाब राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के सामने रखा। सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहाजेरानी ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए को इसकी जानकारी दी। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा, "हम समझौते को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और ईरानी जनता के अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे। अब समझौता ऐसी रणनीति पर आधारित होना चाहिए, जिसमें दोनों पक्षों की जीत हो।"
विज्ञापन
न्यूयॉर्क से लौटने के बाद कैबिनेट बैठक
कैबिनेट की यह बैठक अब्बास अराघची के न्यूयॉर्क से ईरान लौटने के बाद हुई। अराघची पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने न्यूयॉर्क गए थे। वहां ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत की थी। इसके अलावा विश्व नेताओं की वार्षिक बैठक के दौरान कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों से भी मुलाकात की गई थी।
विज्ञापन
अराघची ने कैबिनेट को अपनी न्यूयॉर्क यात्रा और वहां हुई बैठकों के बारे में जानकारी दी। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़ी ईरान की शर्तें भी शामिल थीं। मोहाजेरानी के अनुसार, ये शर्तें मध्यस्थों के जरिए संबंधित पक्षों तक पहुंचाई गई थीं।
ईरान ने रखा था क्या प्रस्ताव?
अराघची ने पिछले सप्ताह कहा था कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने, ईरान की जमी हुई संपत्तियां जारी करने और ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंध हटाने सहित अन्य शर्तों पर सहमत होता है तो ईरान एक सप्ताह के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का प्रस्ताव दे रहा है।
ट्रंप ने प्रस्ताव को क्यों बताया था अस्वीकार्य?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरान समझौता करना चाहता है क्योंकि वह "बहुत बुरी तरह हार रहा है", लेकिन उसका प्रस्ताव "स्वीकार्य नहीं होगा।"
ट्रंप की सार्वजनिक असहमति के बावजूद मध्यस्थ ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए समझौता कराने की कोशिश जारी रखे हुए हैं। यह जानकारी ऐसे अधिकारियों ने दी, जिन्हें सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति नहीं थी और जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बात की।
अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए
इस बीच ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव की कार्रवाई जारी रखे हुए है। दोनों देशों के बीच समझौते की संभावनाएं फिलहाल अनिश्चित बनी हुई हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को दुनिया भर के उन लोगों और कंपनियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की, जिन पर ईरान की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला के लिए वित्तीय मदद या सुविधा देने का आरोप लगाया गया है।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई उसके "ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट" अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ईरान की सरकार के लिए मौजूद "महत्वपूर्ण वित्तीय जीवनरेखाओं" को काटना है। ईरान, हांगकांग और पाकिस्तान में स्थित 10 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन पर ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियार और हथियारों के कलपुर्जे हासिल करने का आरोप है।
युद्ध के बीच ईरानी अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव
युद्ध शुरू होने से पहले ही ईरान की अर्थव्यवस्था भारी दबाव में थी। संघर्ष शुरू होने के बाद से उसकी स्थिति लगातार खराब हुई है। मंगलवार को ईरानी मुद्रा रियाल डॉलर के मुकाबले एक नए निचले स्तर पर पहुंच गई। तेहरान में कारोबारियों ने एक अमेरिकी डॉलर के लिए 25 लाख से अधिक रियाल की दर पर कारोबार किया। यह स्थिति युद्ध के कारण ईरानी अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है।
2 सितंबर को रियाल 22 लाख प्रति डॉलर के पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद महज 27 दिनों में मुद्रा ने नया रिकॉर्ड निचला स्तर दर्ज किया। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान "बहुत बुरी तरह, बहुत बुरी तरह विफल हो रहा है"। उन्होंने एक बार फिर कहा कि युद्ध "बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।" संघर्ष की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि युद्ध कुछ ही सप्ताह चलेगा। बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह युद्ध अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव के बाद ही खत्म होगा।