US: डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा से पहले दोनों देशों के मंत्रियों के बीच बातचीत, कई अहम मद्दों पर हुई चर्चा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे से पूर्व अमेरिका और चीन के बीच उच्च स्तरीय वार्ता तेज हो गई है। बातचीत के केंद्र में व्यापारिक संबंध, ताइवान और वैश्विक सप्लाई चेन के मुद्दे रहे। दोनों देशों ने ट्रंप की इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती और स्थिरता लाने की दिशा में एक अहम बताया है।
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क्या बोले अमेरिकी वित्त मंत्री?
स्कॉट बेसेंट ने इस चर्चा को काफी स्पष्ट और विस्तृत बताया। उन्होंने चीन के उन व्यापारिक नियमों पर गहरी चिंता जताई जो अपनी सीमाओं से बाहर जाकर वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर रहे हैं। बेसेंट ने कहा कि इन नियमों का दुनिया भर के व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली शिखर बैठक को लेकर सकारात्मक उम्मीदें भी जताईं।
This morning, I convened talks with Vice Premier He Lifeng to discuss @POTUS’ upcoming travel to China.
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Our meeting was both candid and comprehensive, and I stressed that China’s recent provocative extraterritorial regulations have a chilling effect on global supply chains.
I… — Treasury Secretary Scott Bessent (@SecScottBessent) April 30, 2026
मार्को रुबियो और चीन के विदेश मंत्री ने की फोन पर बात
इसी बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच भी फोन पर बातचीत हुई। वांग यी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच होने वाली बातचीत ही आपसी रिश्तों का आधार है। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के मार्गदर्शन में दोनों देशों के संबंध स्थिर रहे हैं। वांग यी ने आपसी सहयोग बढ़ाने और मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने की अपील की।
चीनी विदेश मंत्री ने ताइवान के मुद्दे को सबसे संवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि ताइवान का सवाल चीन के मुख्य हितों से जुड़ा है और यह अमेरिका-चीन संबंधों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने दोनों देशों से शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान के आधार पर रिश्ते बनाने का आग्रह किया।
राष्ट्रपति ट्रंप की यह चीन यात्रा पहले ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियानों की वजह से टाल दी गई थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि अब यह बैठक 14 और 15 मई को होगी। उन्होंने यह भी बताया कि वह इस साल के अंत में वाशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी की पारस्परिक यात्रा की मेजबानी करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक और स्थिर संबंध बनाना है।
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