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US-Iran War: नाकेबंदी के बाद अमेरिका ने ईरान को दिया एक और झटका, अमेरिका के इस फैसले का दुनिया पर होगा असर
Wed, 15 Apr 2026 07:31 AM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 15 Apr 2026 07:31 AM IST
सार
पश्चिम एशिया में जारी युद्धविराम जल्द ही खत्म हो सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच हुई हालिया शांति वार्ता के असफल होने के बाद पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका है।
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ईरान को तेल बिक्री पर नहीं मिलेगी छूट
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम एशिया संघर्ष फिलहाल युद्धविराम के चलते थमा हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच पहली शांति वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फारस की खाड़ी में ईरान की नाकेबंदी का एलान किया था। वहीं, अब अमेरिका ने ईरान को एक और झटका देने की तैयारी कर ली है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को कहा कि वह ईरान पर लगाए गए तेल प्रतिबंधों में अस्थायी छूट को और आगे नहीं बढ़ाएगा।
ये भी पढ़ें: IMF की चेतावनी: ईरान युद्ध लंबा खिंचा तो वैश्विक मंदी का खतरा, 2026 में वैश्विक विकास दर जा सकती है 2% से नीचे
दुनिया में गहराएगा ऊर्जा संकट
अब ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में मिली छूट को आगे नहीं बढ़ाने के अमेरिकी फैसले से दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। दरअसल, पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने के बाद से कई देशों ने ईरान से ऊर्जा आपूर्ति पूरी करने की ओर कदम बढ़ाए थे।
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ईरान पर बरसेगा आर्थिक कहर
शांति वार्ता के विफल रहने के बाद हुए इस फैसले को वॉशिंगटन की तेहरान पर दबाव बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि वे आर्थिक प्रकोप के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसका लक्ष्य ईरान की वित्तीय और ऊर्जा गतिविधियों को रोकना है।
क्या बोला अमेरिकी ट्रेजरी विभाग?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा, ''हम आक्रामक रूप से आर्थिक कहर बरसाने के इरादे के साथ आगे बढ़ रहा है, जो ईरान पर अधिकतम दबाव बनाए रखेगा। वित्तीय संस्थानों को सूचित किया जाना चाहिए कि विभाग उपलब्ध उपकरणों और शक्तियों की पूरी शृंखला का लाभ उठा रहा है। उन विदेशी वित्तीय संस्थानों के खिलाफ द्वितीयक प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार है, जो ईरान की गतिविधियों का समर्थन करना जारी रखते हैं। समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देने वाला अल्पकालिक फैसला कुछ दिनों में समाप्त हो रहा है और इसका आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।"
बीते महीने प्रतिबंधों पर दी थी 30 दिनों की छूट
बीते महीने 21 मार्च को अमेरिका ने ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर 19 अप्रैल, 2026 तक अस्थायी रूप से प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा की थी। इस छूट में ईरानी कच्चे और परिष्कृत उत्पादों की अमेरिका में बिक्री की अनुमति भी शामिल थी।
ये भी पढ़ें: Israel-Lebanon Talks: इस्राइली राजदूत ने लेबनानी समकक्ष से बातचीत को बताया 'शानदार', युद्ध विराम से किया इनकार
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में इस निर्णय का विवरण दिया गया था। इस बयान में 20 मार्च तक किसी भी पोत पर लादे गए ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री और वितरण को अधिकृत किया गया था।
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दुनिया में गहराएगा ऊर्जा संकट
अब ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में मिली छूट को आगे नहीं बढ़ाने के अमेरिकी फैसले से दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। दरअसल, पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने के बाद से कई देशों ने ईरान से ऊर्जा आपूर्ति पूरी करने की ओर कदम बढ़ाए थे।
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ईरान पर बरसेगा आर्थिक कहर
शांति वार्ता के विफल रहने के बाद हुए इस फैसले को वॉशिंगटन की तेहरान पर दबाव बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि वे आर्थिक प्रकोप के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसका लक्ष्य ईरान की वित्तीय और ऊर्जा गतिविधियों को रोकना है।
क्या बोला अमेरिकी ट्रेजरी विभाग?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा, ''हम आक्रामक रूप से आर्थिक कहर बरसाने के इरादे के साथ आगे बढ़ रहा है, जो ईरान पर अधिकतम दबाव बनाए रखेगा। वित्तीय संस्थानों को सूचित किया जाना चाहिए कि विभाग उपलब्ध उपकरणों और शक्तियों की पूरी शृंखला का लाभ उठा रहा है। उन विदेशी वित्तीय संस्थानों के खिलाफ द्वितीयक प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार है, जो ईरान की गतिविधियों का समर्थन करना जारी रखते हैं। समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देने वाला अल्पकालिक फैसला कुछ दिनों में समाप्त हो रहा है और इसका आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।"
बीते महीने प्रतिबंधों पर दी थी 30 दिनों की छूट
बीते महीने 21 मार्च को अमेरिका ने ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर 19 अप्रैल, 2026 तक अस्थायी रूप से प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा की थी। इस छूट में ईरानी कच्चे और परिष्कृत उत्पादों की अमेरिका में बिक्री की अनुमति भी शामिल थी।
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अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में इस निर्णय का विवरण दिया गया था। इस बयान में 20 मार्च तक किसी भी पोत पर लादे गए ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री और वितरण को अधिकृत किया गया था।
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