फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US Supreme Court likely to preserve gun law protecting domestic violence victims

US : अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने दिया सुझाव, घरेलू हिंसा आरोपियों को हथियार रखने का नहीं होना चाहिए अधिकार

Wed, 08 Nov 2023 09:55 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 08 Nov 2023 09:55 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट पिछले साल बंदूक अधिकारों के विस्तार के बाद पहले मामले में सुनवाई कर रहा था। इस दौरान न्यायाधीशों ने सुझाव दिया की वह एक अपील अदालत के दिए फैसले को पलट देगा, जिसमें घरेलू हिंसा आरोपियों को बंदूक रखने के लिए राहत दी गई है।

विज्ञापन
US Supreme Court likely to preserve gun law protecting domestic violence victims
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका के बंदूक कानूनों के मुताबिक घरेलू हिंसा करने वालों को बंदूक नहीं मिलती थी ताकि आगे और हिंसा न हो सके, लेकिन बाद में इस कानून को बदल दिया गया और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखने का हक दे दिया गया था। हालांकि, अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश इस संघीय कानून को चुनौती देने के इच्छुक दिखाई दिए।

विज्ञापन

निचली अदालत के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को पिछले साल बंदूक अधिकारों के विस्तार के बाद पहले मामले में सुनवाई कर रहा था। इस दौरान न्यायाधीशों ने सुझाव दिया की वह न्यू ऑरलियंस (New Orleans) की एक अपील अदालत के पिछले साल दिए फैसले को पलट देगा, जिसमें 1994 में घरेलू हिंसा के पीड़ितों की रक्षा के उद्देश्य से हिंसा करने वाले को बंदूक नहीं रखने के अधिकार के आदेश को रद्द कर दिया गया था।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट के जज बाइडन सरकार के वकील के उस तर्क से सहमत दिखे, जिसमें कहा गया कि इस तरह के प्रतिबंध खतरनाक लोगों से हथियार छीनने की पुरानी परंपरा का ही हिस्सा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बंदूक रखने से रोका जा सकता
इस दौरान, 6-3 बहुमत रखने वाले कुछ रूढ़िवादी न्यायाधीशों ने प्रशासन के तर्क के दायरे पर सवाल उठाया कि दूसरे संशोधन के तहत, जो लोग कानून का पालन करने वाले और जिम्मेदार नहीं हैं ( घरेलू दुर्व्यवहार करने वाले) को बंदूक रखने से रोका जा सकता है।

कंजर्वेटिव मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने जिम्मेदार शब्द पर ध्यान केंद्रित किया, यह सुझाव देते हुए कि यह बहुत बड़ा शब्द है। प्रशासन का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल एलिजाबेथ प्रेलोगर ने रॉबर्ट्स को बताया कि 'जिम्मेदार नहीं' शब्द वह मानक है, जिसे अदालत ने पिछले 15 वर्षों में तीन प्रमुख बंदूक अधिकार फैसलों में आग्नेयास्त्र प्रतिबंधों के लिए व्यक्त किया है।

यह है मामला
बता दें,  अदालत के समक्ष उठे मामले में टेक्सास के एक व्यक्ति जैकी रहीमी से जुड़े केस को जोड़ा गया है, जिस पर पार्किंग में बहस के दौरान अपनी प्रेमिका को पीटने और बाद में उसे गोली मारने की धमकी देने का आरोप था। न्यायाधीशों ने रहीमी के वकील जे मैथ्यू राइट को संदेहपूर्ण सवालों को पूछने के लिए फटकार लगाई। 

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने राइट से पूछा कि क्या आपको रहीमी खतरनाक नहीं लगता? इस पर राइट ने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप खतरनाक से क्या मतलब रखते हैं, तो मुख्य न्यायाधीश ने पलटकर जवाब दिया, कोई जो लोगों पर गोली चला रहा है, यह एक शुरुआत है।

75 हजार बंदूकों की बिक्री पर रोक
न्यायमूर्ति ब्रेट कावानाह ने चिंता जताई कि रहीमी के खिलाफ फैसला पृष्ठभूमि जांच प्रणाली को भी खतरे में डाल सकता है, जिसके बारे में डेमोक्रेटिक प्रशासन ने कहा है कि उसने घरेलू हिंसा के सुरक्षात्मक आदेशों के आधार पर पिछले 25 वर्षों में 75,000 से अधिक बंदूकों की बिक्री पर रोक लगाई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed