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Moon Mission: अमेरिका के निजी मून मिशन की क्रैश लैंडिंग, चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरना था
Fri, 07 Mar 2025 09:08 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 07 Mar 2025 09:08 AM IST
सार
गौरतलब है कि एक साल पहले भी कंपनी का लैंडर सही लैंडिंग नहीं कर पाया था। मिशन के कंट्रोलर्स ने लैंडर के कुछ उपकरण बंद किए हैं ताकि उसकी ऊर्जा को बचाया जा सके और फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लैंडिग के वक्त क्या गलत हुआ।
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चंद्रमा मिशन
- फोटो : Istock
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विस्तार
अमेरिका की एक निजी कंपनी के चंद्रमा मिशन की चांद की सतह पर क्रैश लैंडिंग की आशंका जताई जा रही है। मिशन के लैंडर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरना था, लेकिन आखिरी समय पर लैंडर की क्रैश लैंडिंग हुई। हालांकि कंपनी ने अभी क्रैश लैंडिंग की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि वे अभी तक इस बात को लेकर सुनिश्चित नहीं हैं कि लैंडिंग सही हुई या फिर गलत। उन्होंने कहा कि वे हालात का जायजा ले रहे हैं और स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
कंपनी ने बयान में ये कहा
चंद्रमा मिशन भेजने वाली कंपनी इनश्युटिव मशीन ने बयान में कहा है कि 'वे अभी तक अनिश्चित हैं कि क्या उनके लैंडर ने चांद की सतह पर सही लैंडिग की है या फिर वह टेढ़ा होकर गिर गया है।' गौरतलब है कि एक साल पहले भी कंपनी का लैंडर सही लैंडिंग नहीं कर पाया था। मिशन के कंट्रोलर्स ने लैंडर के कुछ उपकरण बंद किए हैं ताकि उसकी ऊर्जा को बचाया जा सके और फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लैंडिग के वक्त क्या गलत हुआ। टेक्सास की कंपनी इनश्युटिव मशीन नासा के व्यवसायिक चंद्रमा मिशन के तहत काम कर रही है। इससे पहले रविवार को भी कंपनी ने चांद की सतह पर सफल लैंडिंग की थी।
चांद पर पानी की खोज है उद्देश्य
कंपनी ने बताया कि उसका एथेना लैंडर तय योजना के तहत चांद की कक्षा में पहुंचा। चांद की कक्षा से सतह पर उतरने तक भी सब कुछ तय योजना के अनुसार हो रहा था। मिशन के निदेशक और कंपनी के सह-संस्थापक टिम क्रेन ने बताया कि हम सतह पर थे और हमे लगा कि हम सफलतापूर्वक सतह पर उतर गए हैं। फिलहाल हम ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि असल में क्या हुआ। अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह लॉन्च किया गया एथेना 230,000 मील (375,000 किलोमीटर) से अधिक दूरी से नियंत्रकों के साथ संचार कर रहा था और सौर ऊर्जा उत्पन्न कर रहा था। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की धूल भरी सतह का परीक्षण करना और वहां जमे हुए पानी की तलाश करना है।
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कंपनी ने बयान में ये कहा
चंद्रमा मिशन भेजने वाली कंपनी इनश्युटिव मशीन ने बयान में कहा है कि 'वे अभी तक अनिश्चित हैं कि क्या उनके लैंडर ने चांद की सतह पर सही लैंडिग की है या फिर वह टेढ़ा होकर गिर गया है।' गौरतलब है कि एक साल पहले भी कंपनी का लैंडर सही लैंडिंग नहीं कर पाया था। मिशन के कंट्रोलर्स ने लैंडर के कुछ उपकरण बंद किए हैं ताकि उसकी ऊर्जा को बचाया जा सके और फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लैंडिग के वक्त क्या गलत हुआ। टेक्सास की कंपनी इनश्युटिव मशीन नासा के व्यवसायिक चंद्रमा मिशन के तहत काम कर रही है। इससे पहले रविवार को भी कंपनी ने चांद की सतह पर सफल लैंडिंग की थी।
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चांद पर पानी की खोज है उद्देश्य
कंपनी ने बताया कि उसका एथेना लैंडर तय योजना के तहत चांद की कक्षा में पहुंचा। चांद की कक्षा से सतह पर उतरने तक भी सब कुछ तय योजना के अनुसार हो रहा था। मिशन के निदेशक और कंपनी के सह-संस्थापक टिम क्रेन ने बताया कि हम सतह पर थे और हमे लगा कि हम सफलतापूर्वक सतह पर उतर गए हैं। फिलहाल हम ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि असल में क्या हुआ। अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह लॉन्च किया गया एथेना 230,000 मील (375,000 किलोमीटर) से अधिक दूरी से नियंत्रकों के साथ संचार कर रहा था और सौर ऊर्जा उत्पन्न कर रहा था। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की धूल भरी सतह का परीक्षण करना और वहां जमे हुए पानी की तलाश करना है।
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