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क्या है अमेरिका का प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम: सोरोस को देने पर हंगामा क्यों, ये कब और किसे दिया जा सकता है?
Sun, 05 Jan 2025 08:28 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 05 Jan 2025 08:28 PM IST
सार
अमेरिका में दिए जाने वाले इस प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम को लेकर ही सवाल पूछे जाने लगे हैं। खासकर उन देशों में जहां जॉर्ज सोरोस का नाम कई बार आंतरिक मामलों में दखल देने के लिए लिया जाता है। यहां लोगों के मन में सवाल है कि आखिर यह सम्मान है क्या? अमेरिका में इसे पाने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए? इस सम्मान को कब-क्यों और किस-किसको दिया जा सकता है और इन्हें देने का फैसला कौन और किस आधार पर करता है? आइये जानते हैं...
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और अरबपति कारोबारी जॉर्ज सोरोस।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अरबपति कारोबारी जॉर्ज सोरोस को प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया है। इसे लेकर पूरी दुनिया में चर्चा है। खुद अमेरिका में ही सोरोस को यह सम्मान दिए जाने के पक्ष-विपक्ष में कई आवाजें बुलंद हैं। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने भी जॉर्ज सोरोस को यह सम्मान दिए जाने के फैसले को हास्यास्पद करार दिया है। हालांकि, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने जॉर्ज सोरोस के योगदान के लिए उनकी तारीफ की है।
मजेदार बात यह है कि इस साल प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम पाने वाली हस्तियों में जॉर्ज सोरोस अकेले नहीं थे। उनके अलावा डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, अमेरिका के पूर्व अटॉर्नी जनरल रॉबर्ट एफ. कैनेडी (मरणोपरांत), अर्जेंटीना के फुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मेसी और अभिनेता डेंजेल वॉशिंगटन समेत 19 लोगों को यह सम्मान दिया गया। हालांकि, इनमें से किसी को भी मेडल ऑफ फ्रीडम दिए जाने को लेकर इतना हंगामा नहीं हुआ है, जितना जॉर्ज सोरोस के नाम को लेकर बातें चल रही हैं।
इस सम्मान को जॉर्ज सोरोस के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद रहे उनके बेटे एलेक्स सोरोस ने लिया। व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, सोरोस की उनकी दानकर्ता संस्था ओपन सोसाइटी फाउंडेशन ने दुनियाभर में लोकतंत्र को मजबूत करने के अलावा मानवाधिकार, शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए काम किया है।
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मजेदार बात यह है कि इस साल प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम पाने वाली हस्तियों में जॉर्ज सोरोस अकेले नहीं थे। उनके अलावा डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, अमेरिका के पूर्व अटॉर्नी जनरल रॉबर्ट एफ. कैनेडी (मरणोपरांत), अर्जेंटीना के फुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मेसी और अभिनेता डेंजेल वॉशिंगटन समेत 19 लोगों को यह सम्मान दिया गया। हालांकि, इनमें से किसी को भी मेडल ऑफ फ्रीडम दिए जाने को लेकर इतना हंगामा नहीं हुआ है, जितना जॉर्ज सोरोस के नाम को लेकर बातें चल रही हैं।
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इस सम्मान को जॉर्ज सोरोस के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद रहे उनके बेटे एलेक्स सोरोस ने लिया। व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, सोरोस की उनकी दानकर्ता संस्था ओपन सोसाइटी फाउंडेशन ने दुनियाभर में लोकतंत्र को मजबूत करने के अलावा मानवाधिकार, शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए काम किया है।
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ऐसे में अमेरिका में दिए जाने वाले इस प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम को लेकर ही सवाल पूछे जाने लगे हैं। खासकर उन देशों में जहां जॉर्ज सोरोस का नाम कई बार आंतरिक मामलों में दखल देने के लिए लिया जाता है। यहां लोगों के मन में सवाल है कि आखिर यह सम्मान है क्या? अमेरिका में इसे पाने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए? इस सम्मान को कब-क्यों और किस-किसको दिया जा सकता है और इन्हें देने का फैसला कौन और किस आधार पर करता है? आइये जानते हैं...
क्या है अमेरिका का प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम?
- प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यानी इसे अमेरिका में 'भारत रत्न' के बराबर का दर्जा हासिल है। यह सम्मान राजनीति, मनोरंजन, खेल, कला, आदि क्षेत्रों में योगदान देने वाली सार्वजनिक हस्तियों को दिया जाता है।
- इस सम्मान की स्थापना 1963 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की ओर से की गई थी। इससे पहले अमेरिका में सबसे बड़ा सम्मान मेडल ऑफ फ्रीडम हुआ करता था, जिसे 1945 में राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन ने नागरिक सेवाओं से जुड़े लोगों के सम्मान के लिए स्थापित किया था।
- अमेरिका के इस सबसे बड़े सम्मान प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम के भी दो प्रकार हैं। एक सामान्य और दूसरा 'विशिष्टता के साथ' दिया जाने वाला प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम। इसे प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम विद डिस्टिंक्शन भी कहा जाता है। इस सम्मान में विशिष्ट जुड़ने की वजह से इसकी साख भी सामान्य से ज्यादा हो जाती है।
- अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की नवंबर 2024 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, 1963 से 2024 तक कुल 654 बार प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम दिए जा चुके हैं। इसे 651 लोगों और एक समूह (चांद पर भेजी गई मिशन अपोलो-13 की यात्रियों की टीम) को सम्मानित किया गया। इसके अलावा दो और लोग एल्सवर्थ बंकर और कॉलिन पॉवेल को यह सम्मान दो बार मिल चुका है। हालांकि, प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम विद डिस्टिंक्शन सिर्फ 55 बार ही दिया गया है। यानी कुल दिए गए सम्मानों में 8 फीसदी ही विशिष्ट सम्मान के तौर पर दिए गए हैं।
किसे दिया जा सकता है प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम?
अमेरिका का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान राजनीति, मनोरंजन, खेल, कला, आदि क्षेत्रों में योगदान देने वाली सार्वजनिक हस्तियों को दिया जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में सैन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी यह सम्मान दिया जा सकता है। इसे ऐसे लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने...
अमेरिका का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान राजनीति, मनोरंजन, खेल, कला, आदि क्षेत्रों में योगदान देने वाली सार्वजनिक हस्तियों को दिया जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में सैन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी यह सम्मान दिया जा सकता है। इसे ऐसे लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने...
- अमेरिका की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित में विशेषकर सराहनीय योगदान दिया हो।
- विश्व शांति के प्रयासों के लिए विशेष काम किया हो।
- सांस्कृतिक या अन्य अहम सार्वजनिक या निजी कार्यों में योगदान दिया हो।
प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम के लिए चुनाव कैसे होता है, इन्हें कौन देता है?
आमतौर पर अमेरिका का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान अपने-अपने क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली हस्तियों को ही दिया जाता है। ऐसे में इस सम्मान के हकदार लोगों की योग्यता काफी उच्च स्तर की मानी जाती है। हालांकि, इसके लिए किसी के चुने जाने या नामित किए जाने की कोई आधिकारिक प्रक्रिया नहीं है। 13 मार्च 1970 के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 11515 के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम के लिए चुनने का अधिकार खुद राष्ट्रपति के पास ही होता है। यानी इन सम्मान के लिए राष्ट्रपति को नामांकन किसी की भी तरफ से मिल सकता है, लेकिन सम्मान के लिए चुनने का अधिकार खुद राष्ट्रपति ही इस्तेमाल कर सकता है। कई मौकों पर प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम के लिए नामांकन प्रस्ताव अमेरिकी सांसदों की तरफ से भी भेजा जाता है।
आमतौर पर अमेरिका का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान अपने-अपने क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली हस्तियों को ही दिया जाता है। ऐसे में इस सम्मान के हकदार लोगों की योग्यता काफी उच्च स्तर की मानी जाती है। हालांकि, इसके लिए किसी के चुने जाने या नामित किए जाने की कोई आधिकारिक प्रक्रिया नहीं है। 13 मार्च 1970 के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 11515 के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम के लिए चुनने का अधिकार खुद राष्ट्रपति के पास ही होता है। यानी इन सम्मान के लिए राष्ट्रपति को नामांकन किसी की भी तरफ से मिल सकता है, लेकिन सम्मान के लिए चुनने का अधिकार खुद राष्ट्रपति ही इस्तेमाल कर सकता है। कई मौकों पर प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम के लिए नामांकन प्रस्ताव अमेरिकी सांसदों की तरफ से भी भेजा जाता है।
सर्वोच्च सम्मान के लिए किस आधार पर होता है चुनाव?
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के मुताबिक, इस सम्मान के लिए हस्तियों को चुनने के पीछे अलग-अलग सरकारों के विभिन्न नजरिए होते हैं। हालांकि, कई बार यह नजरिया राजनीतिक और निजी हितों से भी जुड़ा होता है। डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति की तरफ से इस बार जॉर्ज सोरोस और हिलेरी क्लिंटन को प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम देने का फैसला भी इसी बात का इशारा है। दरअसल, जॉर्ज सोरोस खुले तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी के बड़े दानकर्ता रहे हैं। इतना ही नहीं वे डोनाल्ड ट्रंप के भी कट्टर आलोचक रहे हैं। दूसरी तरफ हिलेरी क्लिंटन खुद डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार थीं।
इतना ही नहीं बाइडन ने इसी साल रिपब्लिकन नेता और मिट रोमनी के पिता जॉर्ज रोमनी को भी प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया। जॉर्ज रोमनी अमेरिकी राज्य मिशिगन के गवर्नर रह चुके हैं। उनके बेटे मिट रोमनी, जो कि खुद भी रिपब्लिकन हैं, 2012 में बराक ओबामा के खिलाफ राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी पर डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ती पकड़ के बाद से ही रोमनी उनके आलोचक के तौर पर देखे जाते हैं।
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के मुताबिक, इस सम्मान के लिए हस्तियों को चुनने के पीछे अलग-अलग सरकारों के विभिन्न नजरिए होते हैं। हालांकि, कई बार यह नजरिया राजनीतिक और निजी हितों से भी जुड़ा होता है। डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति की तरफ से इस बार जॉर्ज सोरोस और हिलेरी क्लिंटन को प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम देने का फैसला भी इसी बात का इशारा है। दरअसल, जॉर्ज सोरोस खुले तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी के बड़े दानकर्ता रहे हैं। इतना ही नहीं वे डोनाल्ड ट्रंप के भी कट्टर आलोचक रहे हैं। दूसरी तरफ हिलेरी क्लिंटन खुद डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार थीं।
इतना ही नहीं बाइडन ने इसी साल रिपब्लिकन नेता और मिट रोमनी के पिता जॉर्ज रोमनी को भी प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया। जॉर्ज रोमनी अमेरिकी राज्य मिशिगन के गवर्नर रह चुके हैं। उनके बेटे मिट रोमनी, जो कि खुद भी रिपब्लिकन हैं, 2012 में बराक ओबामा के खिलाफ राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी पर डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ती पकड़ के बाद से ही रोमनी उनके आलोचक के तौर पर देखे जाते हैं।
जॉर्ज सोरोस को सम्मान पर अमेरिका में क्या विवाद?
टेस्ला सीईओ और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी एलन मस्क ने जॉर्ज सोरोस को प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम मिलने पर चुटकी ली है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा की। इसमें बाइडन काले रंग के कपड़े पहने स्टार वॉर्स फिल्म सीरीज के दुष्ट कैरेक्टर डार्थ सिडियस को पुरस्कार देते दिख रहे हैं। मस्क ने इसी कैरेक्टर की तरफ इशारा करते हुए कहा कि शायद रोशनी की वजह से सोरोस काफी अच्छे लग रहे हैं।
वहीं, उनके पिछले साल नवंबर में दिए एक इंटरव्यू का क्लिप सामने आया है। इसमें उन्होंने सोरोस पर ऐसे काम करने का आरोप लगाया जो समाज के ताने-बाने को नष्ट करते हैं। उन्होंने कहा, 'जॉर्ज सोरोस मानवता से बुनियादी तौर पर नफरत करते हैं। वह कुछ ऐसे काम कर रहे हैं, जो सभ्यता के ताने-बाने को नष्ट कर रहा है। आप जानते हैं, ऐसे डीए को चुनवा रहे हैं, जो अपना काम नहीं करेगा।'
दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप के बेटे ट्रंप जूनियर ने भी इसे लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लोगों को आग से बचाने वाले एक पिज्जा डिलीवरी बॉय की तस्वीर पोस्ट कर कहा कि इन्हें प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम मिलना चाहिए न कि सोरोस जैसे जोकरों को।
अमेरिका के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने भी सोरोस को सम्मान दिए जाने को लेकर बाइडन पर निशाना साधा और कहा कि अब उनकी तरफ से यह सम्मान काउंट ड्रैकुला को दिया जाने का इंतजार है। इसके अलावा रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने बाइडन पर निशाना साधते हुए कहा कि हत्यारों की सजा कम करने और अपने बेटे की सजा माफ करने के बाद जॉर्ज सोरोस को राष्ट्रपति पद का पदक देना अमेरिका के चेहरे पर एक और तमाचा है। शपथ ग्रहण तक 16 दिन का समय बहुत लंबा है। वह आगे क्या करने में सक्षम है?"
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वहीं, उनके पिछले साल नवंबर में दिए एक इंटरव्यू का क्लिप सामने आया है। इसमें उन्होंने सोरोस पर ऐसे काम करने का आरोप लगाया जो समाज के ताने-बाने को नष्ट करते हैं। उन्होंने कहा, 'जॉर्ज सोरोस मानवता से बुनियादी तौर पर नफरत करते हैं। वह कुछ ऐसे काम कर रहे हैं, जो सभ्यता के ताने-बाने को नष्ट कर रहा है। आप जानते हैं, ऐसे डीए को चुनवा रहे हैं, जो अपना काम नहीं करेगा।'
George Soros looking quite good here. Must be the lighting. pic.twitter.com/gNHhKyd2GQ
— Elon Musk (@elonmusk) January 5, 2025
दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप के बेटे ट्रंप जूनियर ने भी इसे लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लोगों को आग से बचाने वाले एक पिज्जा डिलीवरी बॉय की तस्वीर पोस्ट कर कहा कि इन्हें प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम मिलना चाहिए न कि सोरोस जैसे जोकरों को।
This guy deserves the presidential medal of freedom… Not the clowns like Soros and the others who got it from Biden this week. https://t.co/onifnV8xdU
— Donald Trump Jr. (@DonaldJTrumpJr) January 4, 2025
अमेरिका के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने भी सोरोस को सम्मान दिए जाने को लेकर बाइडन पर निशाना साधा और कहा कि अब उनकी तरफ से यह सम्मान काउंट ड्रैकुला को दिया जाने का इंतजार है। इसके अलावा रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने बाइडन पर निशाना साधते हुए कहा कि हत्यारों की सजा कम करने और अपने बेटे की सजा माफ करने के बाद जॉर्ज सोरोस को राष्ट्रपति पद का पदक देना अमेरिका के चेहरे पर एक और तमाचा है। शपथ ग्रहण तक 16 दिन का समय बहुत लंबा है। वह आगे क्या करने में सक्षम है?"
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